मथुरा। बांके बिहारी के दर्शन को क्रिसमस डे की छुट्टियों में भारी भीड़ आएगी। यह जानते हुए भी पुलिस और प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की। इस कारण रविवार को दर्शन को आईं दो महिला श्रद्धालुओं की मंदिर के रास्ते में मौत हो गई।
क्रिसमस डे पर बच्चों की छुट्टियां हो गई हैं। इसके साथ आज ही रविवार भी था। आज रविवार को चार लाख से अधिक श्रद्धालु बांके बिहारी के दर्शन को पहुंचे। भीड़ आने की जानकारी होने के बावजूद पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था ध्वस्त होते दिखाई दी। दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई।
बीना गुप्ता (70) पत्नी ओम प्रकाश गुप्ता निवासी गंज बाजार, महोली, सीतापुर, जो कि अपनी पड़ोसन शिवानी व अन्य परिजनों के साथ वृंदावन में श्रीबांके के दर्शन को आई थीं। रविवार सुबह 11.30 बजे करीब वह मंदिर में दर्शन को निकली थीं। तभी वह भीड़ के चलते अपने परिजनों बिछड़ गईं। पड़ोसन शिवानी उनके साथ थीं। हरि निकुंज चौराहा के पास चलते-चलते उनकी तबीयत बिगड़ी और अचेत हो गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें सौ शैय्या अस्पताल में लेकर पहुंची। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
दूसरी मौत 1.30 बजे करीब जयपुरिया धर्मशाला के पास हुई। मंजू मिश्रा (58) पत्नी भोलेनाथ मिश्रा निवासी अधारताल, जबलपुर, मध्य प्रदेश व छह परिजनों के साथ दर्शन कर लौट रही थीं। तभी वह भीड़ के चलते बिछड़ गईं। बेटी रागिनी उनके साथ थी। अन्य परिजनों के इंतजार में मंजू मिश्रा धर्मशाला के पास ही बैठ गईं। तभी उनकी तबीयत बिगड़ी और अचेत हो गई। पुलिस रामकिशन मिशन अस्पताल लेकर पहुंची। वहां डॉक्टरों वे उन्हें मृत घोषित कर दिया। एसएसपी के अनुसार भीड़ के दबाव में मंदिर के भीतर मौत होने की भ्रामक सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई, जो कि गलत है। यह जानकारी दी गई।











