आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में आज परीक्षा समिति की बैठक में औटा महामंत्री विश्वविद्यालय में हो रही अनियमितताओं को लेकर जमकर गरजे। महामंत्री ने कहा कि केंद्र बनाने में जो धांधली हुई है। परीक्षा समिति में पहले उसकी चर्चा की जाए। बाकी की बाद में। वहीं कुलपति से पूछा आपकी जियो टैगिंग परीक्षा केंद्रों में क्यों नजर नहीं आई? इसके बाद कुलपति की ओर से केंद्रों में हुई धांधली और पेपर लीक मामले में जांच के लिए एक समिति बना दी गई है। इसमें औटा महामंत्री को भी नामित किया गया है
3:00 बजे से परीक्षा समिति की बैठक थी। यह ऑनलाइन की गई। विश्वविद्यालय के अधिकारी और शिक्षक बृहस्पति भवन में बैठे। वहीं सदस्यों को ऑनलाइन जोड़ा गया। बैठक शुरू होते ही कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने कहा विश्वविद्यालय की वर्ष 2021-22 की द्वितीय सेमेस्टर की आगामी परीक्षाएं ओएमआर पर आधारित होंगी। औटा महामंत्री डॉ. भूपेंद्र चिकारा ने कहा कि यह चर्चाएं बाद में होंगी। पहले मेरी बात सुन ली जाए। आज हो रही परीक्षा समिति के एजेंडे की मिनट, मीटिंग शुरू होने से 7 मिनट पहले भेजी गई हैं, जबकि यह कल शाम को सदस्यों के पास भेज देनी चाहिए थी। इसके अलावा इस बार केंद्र बनाने में जमकर धांधली हुई, वहीं जो पेपर आउट हुआ उसको लेकर परीक्षा समिति में पहले चर्चा होनी चाहिए। जियो टैगिंग फेल नजर आई। इसलिए अन्य चर्चाएं बाद में। पहले अनियमितताओं पर बात कीजिए। इस पर कुलपति ने कहा कि आगरा कॉलेज के शिक्षक कोचिंग सेंटरों में पढ़ा रहे हैं। कोचिंग वाले ही पेपर लीक करा रहे थे। इस पर महामंत्री ने कहा कि सभी बिंदुओं की गहराई से जांच होनी चाहिए। कॉलेजों को मान्यता कैसे मिल गई? इस बात की भी जांच होनी चाहिए। कुलपति ने 4 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें प्रति कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा, सेंट जॉन्स कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर एसपी सिंह, आरसीए गर्ल्स डिग्री कॉलेज मथुरा की प्राचार्य डॉ. प्रीति जौहरी और औटा के महामंत्री डॉ. भूपेंद्र चिकारा रहेंगे। इसके अलावा परीक्षा समिति में निर्णय लिया गया कि सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा में छात्रों को 75 में से केवल 50 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। बीएड पाठ्यक्रम सत्र 2022 प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष एवं एम एड पाठ्यक्रम सत्र 2022 एवं एलएलबी तथा बीए एलएलबी की वर्ष 2022 की परीक्षाएं भी ओएमआर पर आधारित होंगी।विश्वविद्यालय की आगामी विस्तृत उत्तरीय परीक्षाओं में प्रयोग की जाने वाली उत्तर पुस्तिकाएं अब 24 पृष्ठों की होंगी। कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक को निर्देशित किया है कि अब विश्वविद्यालय डिजिटल मूल्यांकन की पद्धति पर चलेगा। अतः उत्तर पुस्तिकाएं भी उसी व्यवस्था के अनुरूप बारकोड लगाकर तैयार की जाएं।











