आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में पैसे लेकर केंद्र बनाए गए हैं। यह बात मेरे संज्ञान में है। केंद्र बनाने में हुई धांधली की मैं एसआईटी जांच कराऊंगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी मिलूंगा। यह कहना था उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का। वह आज विश्वविद्यालय के जुबली हॉल में शिक्षकों द्वारा आयोजित किए गए सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में आए थे। यहां उन्होंने विश्वविद्यालय में हो रही धांधली और भ्रष्टाचार पर हमला बोल दिया। उच्च शिक्षा मंत्री के द्वारा एसआईटी जांच कराए जाने की बात सुनकर कईयों के पसीने छूट गए हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अपने भाषण में महामंत्री की मांग को जायज बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में पैसे लेकर केंद्र बनाए गए हैं। यह बात मेरे संज्ञान में है। कॉलेज वालों ने विश्वविद्यालय में पैसे दिए हैं और छात्रों से नकल के लिए पैसे वसूल रहे हैं। यह विश्वविद्यालय मेरा मां-बाप है। इसका उत्थान करना मेरा उद्देश्य है जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी। मैं केंद्रों में हुई धांधली की एसआईटी जांच कराऊंगा।
औटा के द्वारा विश्वविद्यालय के जुबली हॉल में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। इसमें महामंत्री डॉ. भूपेंद्र चिकारा ने भरे मंच से उच्च शिक्षा मंत्री से मांग की कि विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर केंद्र बनाने में धांधली हुई है। इसके अलावा करीब 75 प्रतिशत कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। फिर भी वहां परीक्षाएं हो रही हैं। इस बार की परीक्षाओं का जमकर मखौल उड़ रहा है। पेपर भी लीक हो रहे हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय के अधिकारी दोषी हैं। आप मंत्री हैं आपके गृह जनपद में विश्वविद्यालय की हालत बद से बदतर हो रहे हैं। पेपर आउट हो रहे हैं। परीक्षा केंद्रों में धांधली हो रही है। इसलिए आपसे मांग की जाती है आप यहां का माहौल सुधारें।
औटा अध्यक्ष डॉ. ओमबीर सिंह ने कहा कि जियो टैगिंग भी पूरे तरीके से फैल रही है। 80 किलोमीटर दूर तक केंद्र बनाए गए हैं।
महामंत्री ने यह भी मांग रखीं
औटा द्वारा सौंपे गए माँग पत्र में प्रोफ़ेसर पदनाम अर्हताएँ शिथिल करते हुए समयबद्ध किए जाने, पुरानी पेंशन बहाल करने, शिक्षकों की सेवा अवधि 65 वर्ष कराए जाने , चिकित्सा अवकाश अनुमान्य किए जाने, महाविद्यालयों को NEP 2020 के क्रियान्वयन हेतु अनुदान दिए जाने, विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति नियुक्त किए जाने की मांग शामिल थी।
कार्यक्रम के दौरान औटा उपाध्यक्ष डॉ. अनुराधा गुप्ता, सहित डॉ. गौरव कौशिक , डॉ. निर्मला सिंह, प्रो. शरद उपाध्याय, प्रोफेसर बृजेश रावत, डॉ. पूनम तिवारी, डॉ. अमर कुमार धारीवाल, डॉ. दिग्विजय पाल सिंह, डॉ. अनुराग पालीवाल, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. साहब सिंह, डॉ प्रवीन कुमार शर्मा, डॉ सुनील बाबू चौधरी, डॉ. विजय नारायण सिंह प्रो अनुराग शुक्ला, प्रो. विजय श्रीवास्तव, प्रो. विजय कुमार सिंह, प्रोफेसर लवकुश मिश्रा, डॉ. आनंद टाइटलर, अखिलेश चौधरी आदि शामिल रहे।












