आगरा। शहर के एक थाने में ऑटो गैंग के चार सदस्य पकड़े गए। थाना प्रभारी ने एक अधिकारी को गुडवर्क बताकर शाबाशी भी ले ली, लेकिन 45 मिनट के अंदर फिर से फोन किया और कहा कि मैंने जल्दबाजी में गुड वर्क बता दिया है। इतना बड़ा मामला नहीं है। इसके बाद एक को छोड़ दिया गया और तीन का शांति भंग में चालान कर दिया गया। मामले में जांच हो रही है।
पिछले दिनों ऑटो गैंग ने कई सवारियों को अपना शिकार बनाया था। अधिकारियों ने गैंग को पकड़ने के कड़े निर्देश दिए। इसी क्रम में शहर के एक थाना प्रभारी ने एक अधिकारी को बताया कि सर गुडवर्क हुआ है। ऑटो गैंग के चार सदस्य पकड़े गए हैं। बड़े स्तर पर जहर खुरानी करते हैं। गैंग पकड़ने के नाम पर अधिकारी से शाबाशी मिल गई। थोड़ी देर बाद प्रभारी ने फोन कर कहा साहब एक के सीने में दर्द हो रहा है और जो अन्य तीन हैं वह मुझे छोटे-मोटे खिलाड़ी लग रहे हैं। तीन का 151 में चालान कर देता हूं। एक बुरे तरीके से थाने में उल्टी कर रहा है उसे हार्ट अटैक हो सकता है इसलिए छोड़ देता हूं। यहीं से अधिकारी का माथा ठनक गया। अधिकारी के द्वारा पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। अगर मामले में इंस्पेक्टर की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उन पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।











