आगरा। सेंट पीटर्स स्कूल में आज सुबह ग्रैंड पेरेंट्स दिवस हर्षोल्लास के मनाया गया। विशेष अवसर का उद्देश्य बच्चों में परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के प्रति सम्मान, प्रेम तथा कृतज्ञता की भावना विकसित करना था। कार्यक्रम में सभी कक्षाओं के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने दादा-दादी तथा नाना-नानी को विद्यालय आमंत्रित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संचालकों द्वारा विषय, उद्देश्य एवं महत्व की परिचर्चा से हुआ। दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से वातावरण भक्तिमय हो उठा। प्राचार्य डॉ. अल्वयन पिनटो ने अपने संबोधन में कहा कि इस दिवस का उद्देश्य पारिवारिक मूल्यों को संजोना एवं नई पीढ़ी को दादा-दादी तथा नाना-नानी के प्रति सम्मान भाव सिखाना है। दादा-दादी और नाना-नानी हमारे जीवन के अनुभव का भंडार हैं। वे न केवल हमें परंपराओं और मूल्यों से जोड़ते हैं, बल्कि अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से हमें कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं। उनका स्नेह, त्याग और धैर्य ही बच्चों के चरित्र निर्माण की असली पाठशाला है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला की शुरुआत फर्स्ट क्लास के छात्रों की प्रस्तुति से हुई। जिसने मंच पर उत्साह का माहौल बना दिया। इसके बाद छात्रों ने समूह नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मनोरंजन किया। मुख्य अथिति अधिवक्ता अरविंद मिश्रा ने अपने उद्बोधन में दादा-दादी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के संस्कारों की नींव उनके अनुभव और स्नेह से ही सुदृढ़ होती है। आज की आधुनिक जीवनशैली में जहां संयुक्त परिवार की परंपरा धीरे-धीरे लुप्त हो रही है वहीं बच्चों के लिए दादा-दादी और नाना-नानी का सानिध्य अमूल्य धरोहर है। वे बच्चों को न केवल जीवन के अनमोल अनुभव बांटते हैं, बल्कि संस्कार और नैतिक मूल्यों का बीज भी रोपते हैं। इधर एक प्रस्तुति में दादा-दादी के मार्गदर्शन के महत्व को दिखाया गया। इस नाटक ने सामाजिक संदेश देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। नृत्य प्रस्तुतियों में विविधता और जोश देखने को मिला।













