आगरा। डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में देर रात अधिकारी और शिक्षकों के घर पर पत्थर फेंके गए। यह देख उनके बीच में दहशत फैल गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के आने के बाद सभी घरों से बाहर निकले। देखा कि एक व्यक्ति पत्थर फेंक रहा था। वह बोल रहा था मैं किसी को भी जिंदा नहीं छोडूंगा। पुलिस उसे पकड़ कर थाने ले गई।
खंदारी परिसर में सांसद प्रोफेसर रामशंकर कठेरिया, प्रोफेसर लवकुश मिश्रा, सहायक कुलसचिव अजय कुमार गौतम, अनूप केसरवानी, ममता सिंह और कई कर्मचारी रहते हैं। रात में 1:30 बजे सभी को ऐसा लगा कि उनके दरवाजे पर कोई पत्थर फेंक रहा है। वहीं बाहर से यह भी आवाजें आ रही थी कि मैं सभी को मार डालूंगा। दहशत में आए अधिकारी और शिक्षकों ने आपस में एक दूसरे को फोन किया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। सभी लोग पुलिस के आने का इंतजार करने लगे। जैसे ही पुलिस आई सभी लोग घर से बाहर निकल आए। पुलिस ने एक व्यक्ति को मौके से पकड़ा। इसके हाथ में ईंट लगी हुई थीं। पुलिस उसे अपने साथ ले गई।
यह व्यक्ति गेट के अंदर कैसे घुस आया। इस बात की जांच करने के लिए प्रोफेसर लवकुश मिश्रा और सहायक कुलसचिव गेट पर पहुंचे। वहां जाकर देखा कि मुख्य गेट पर दो सुरक्षाकर्मियों की जगह एक सुरक्षाकर्मी ड्यूटी दे रहा था। दूसरे की उपस्थिति रजिस्टर में जगह खाली थी। इससे प्रतीत हुआ कि फर्जी तरीके से भुगतान लिया जा रहा है। इसके अलावा जब अधिकारी दूसरे गेट पर पहुंचे तो वहां मुख्य गार्ड की जगह उसका भाई ड्यूटी कर रहा था, उससे पूछा कि तुम कैसे आ गए तो वह बोला कि मैं अपने भाई की जगह चोरी छुपे ड्यूटी करने आ जाता हूं। इसके बाद जब वह तीसरे गेट पर पहुंचे तो वहां सहायक कुलसचिव यह देखकर हैरान रह गए कि कुलपति आवास का चपरासी राजीव कुमार रात में सुरक्षा कर्मी बनकर ड्यूटी दे रहा था। यह वही चपरासी है जिसे पूर्व कुलपति ने गाय का दूध निकालने के लिए रखा था। इस बात को लेकर उन पर सवाल भी खड़े हुए थे। अधिकारी और कर्मचारी आपस में बोले परिसर की सुरक्षा राम भरोसे है। यहां किसी दिन कुछ भी हो सकता है।













