नई दिल्ली। राजधानी और उससे सटे उत्तर प्रदेश व हरियाणा के शहरों में कोरोना फिर बढ़ रहा है। दिल्ली से पिछले 24 घंटों में 299 केस आए जो 40 दिन का सर्वाधिक आंकड़ा है। यहां पॉजिटिविटी रेट ढाई प्रतिशत के पास है। पड़ोस के गुड़गांव में तो संक्रमण की दर नौ फीसदी के पार चली गई है। गुड़गांव में 43 दिन बाद बुधवार को 24 घंटे में 146 नए संक्रमितों की पहचान हुई। नोएडा में चार दिन में 30 से अधिक बच्चे संक्रमित हुए हैं जबकि गाजियाबाद के दो और स्कूलों में भी कोरोना केस मिले हैं। दिल्ली में जहां पिछले 24 घंटों में 48 प्रतिशत केस बढ़े हैं, यूपी में इसी दौरान कोरोना के नए केसों की संख्या दोगुनी हो गई है। बुधवार को मुंबई से 73 नए मामले सामने आए। यह आंकड़ा 17 मार्च के बाद एक दिन का सर्वाधिक है। वहां टोटल केस 10,58,567 हो चुके हैं। इस बढ़ते केस की वजह से आम लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं और वे दहशत में हैं। हालांकि विशेषज्ञ कहते हैं कि अभी चिंता की बात नहीं है।
दिल्ली के कई डॉक्टर्स ने बताया कि उनके यहां पिछले दिनों ओपीडी में कोविड से जुड़े मरीज बढ़े हैं। इंद्रप्रस्थ अपोलो में सीनियर कंसल्टेंट (इंटरनल मेडिसिन) डॉ सुरनजीत चटर्जी ने कहा कि मैंने पिछले हफ्ते 7-10 मामले देखे हैं। इनमें से केवल एक को ही हॉस्पिटलाइजेशन की जरूरत पड़ी, वह भी क्योंकि मरीज को दूसरी गंभीर बीमारी थी। मैक्स पटपड़गंज के डॉ मुकेश मेहरा ने भी कहा कि केसेज जरूर बढ़े हैं मगर हॉस्पिटलाइजेशंस नहीं। पूरे देश में 31 मार्च को महामारी एक्ट को निष्प्रभावी कर दिया गया था। जिसके बाद कोविड प्रोटोकॉल संबंधी सभी पाबंदियां खत्म हो गईं। मास्क लगाने को लेकर किसी तरह की सख्ती नहीं बरती जा रही है, केवल लोगों से मास्क का प्रयोग करने के लिए अपील की जा रही है। सख्ती खत्म होने के चलते लोगों ने भी कोविड से बचाव के सभी नियमों की अनदेखी करनी शुरू कर दी है। स्कूलों में भी बच्चे और टीचर्स तक बिना मास्क के नजर आ रहे हैं। बाजारों में दुकानदारों के चेहरों से मास्क पूरी तरह से नदारद हैं।











