लखनऊ। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को इस बार उच्च सदन में नेता की जिम्मेदारी दी जा सकती है। पिछली बार डिप्टी सीएम रहे डॉ. दिनेश शर्मा विधान परिषद में नेता सदन थे। इस बार डॉ शर्मा मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं हैं, जबकि मुख्यमंत्री विधान सभा के नेता होंगे। वहीं दूसरे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी विधान सभा के ही सदस्य हैं। बताया जाता है कि डॉ. दिनेश शर्मा इस बार विधान परिषद के सभापति होंगे।
सरकार की तरफ से जवाब देने, सभी प्रस्ताव रखने और यहां तक कि उच्च सदन में बजट पेश करने का अधिकार नेता सदन का होता है। ऐसे में यह जिम्मेदारी सामान्य तौर पर सरकार में वरिष्ठ पद पर तैनात को ही दी जाती है। पिछली बार मुख्यमंत्री समेत दोनों डिप्टी सीएम उच्च सदन के ही सदस्य थे। ऐसे में विकल्प दोनों डिप्टी सीएम में से किसी को एक को चुनने का था। वैसे भी डॉ दिनेश शर्मा मेयर के तौर पर लखनऊ नगर निगम का सदन चला चुके थे, लिहाजा उन्हें ही तरजीह दी गई थी।











