आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के शिवाजी मंडपम में शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। विश्वविद्यालय के कई प्रोफेसरों को मुख्यमंत्री ने कैशलेस चिकित्सा योजना के कार्ड दिए। सीएम ने कहा कि आज मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेश कार्ड देने पर बहुत खुशी हो रही है। सभी को हृदय से बधाई देता हूं। सभी महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को जोड़कर 10 लाख लोगों को इसमें कवर किया जा रहा है।
सीएम ने कहा, यह योजना उच्च शिक्षा मंत्री के गृह जनपद से शुरू की जा रही है। पंजाब नेशनल बैंक से एमओयू किया गया है, जो आपको सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देगा। पंजाब नेशनल बैंक के जीएम और उच्च शिक्षा विभाग के बीच एमओयू साइन हुआ है। सीएम ने कहा बेहतरीन सुविधा है, जिससे अब तक हमारे शिक्षक लाभान्वित नहीं थे। किसी के सामने इस प्रकार की घटना न हो। किसी को हॉस्पिटल न जाना पड़े। दुर्घटना का शिकार न होना पड़े, ये हम ईश्वर से प्रार्थना करेंगे। मगर, व्यवस्था है। घटनाएं दुर्घटनाएं बोलकर नहीं आतीं। कोई भी इसकी चपेट में आ सकता है। उस समय उसका परिवार असहाय महसूस न करे। उसे लगे कि शासन, बैंकर उसके साथ खड़े हैं। ऐसा उसे महसूस हो। राज्य सरकार आपको सामाजिक सुरक्षा की गारंटी उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, आप सब शिक्षक की भूमिका जानते हैं। उनका स्थान प्राचीन काल से सर्वोच्च रहा है। सामान्य जीवन हो, गुरुकुल हो। गुरु का विशिष्ट महत्व रहा है। भारत से ज्यादा इसे कौन जानता है। तक्षशिला, नालंदा विश्वविद्यालय इसके उदाहरण हैं। तक्षशिला विश्वविद्यालय की कथा याद आती है। पाकिस्तान में स्थित तक्षशिला अविभाजित भारत का हिस्सा था। श्रीराम के भाई भरत के बेटे तक्ष के नाम पर तक्षशिला बना। वहां पर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र के बारे में ज्ञान दिया जाता था।











