गौरव प्रताप सिंह
आगरा। ट्रान्स यमुना थाना क्षेत्र की युवती की हत्या करने और उसके शव के हाथ-पैर और सिर काटकर बोरे को यमुना किनारे फेंकने वाला हत्यारा युवती के भाई के साथ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने भी पहुंचा था। इसके साथ ही उसे खोजने का नाटक भी किया था। युवती के परिजनों को क्या पता था जिसको वह मददगार समझ रहे हैं वही असल में हत्यारा है। उनकी बेटी की बेरहमी से हत्या उसी ने की है।
दिविशा टेक्नोलॉजी में एचआर मैनेजर के पद पर कार्यरत मिंकी शर्मा और उसी कंपनी के अकाउंटेंट विनय राजपूत के बीच तीन साल में नज़दीकियां बढ़ीं थीं। साथ काम करते-करते दोस्ती प्यार में बदली और विनय ने शादी तक का सपना देख लिया। शुरुआत में मिंकी भी शादी के लिए तैयार दिखी। दोनों ने अपने-अपने घरों में बात भी की। मगर बीते छह महीनों में मिंकी का व्यवहार बदल गया। शादी की बात टलने लगी, फोन देर रात तक बिज़ी रहने लगा। यहीं से विनय के मन में शक और असुरक्षा ने जगह बना ली थी। 23 जनवरी को उसने उसकी हत्या की साजिश रची। मिंकी अपने भाई की शादी का कार्ड कोरियर करने के निकली निकली थी। विनय राजपूत ने उसे ऑफिस में बुला लिया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी। उसने क्राइम पेट्रोल से सीखी बातें याद कीं। अगर पहचान न हो तो केस उलझ जाता है। इसी सोच के साथ उसने शव के साथ हैवानियत की हदें पार कीं। करीब दो घंटे तक ऑफिस की दीवारों और फर्श से खून साफ किया। शव को काली पन्नी और प्लास्टिक के बोरे में पैक किया। पैर बाहर निकल रहे थे, तो उन्हें काटकर अंदर मोड़ा। रात करीब एक बजे बोरे को घसीटते हुए लिफ्ट से नीचे लाया और मिंकी की स्कूटी पर रखा। जवाहर पुल पहुंचा, लेकिन ग्रिल होने के कारण बोरा यमुना में नहीं फेंक सका। मजबूरन शव वहीं छोड़ दिया। सर वह कहीं और फेंक आया था। इधर मिंकी के भाई और परिजन मिंकी के रात तक घर नहीं आने को लेकर परेशान थे। वह उसके मोबाइल नंबर पर भी फोन कर रहे थे लेकिन फोन नहीं उठ रहा था। कुछ घंटे बाद मोबाइल भी बंद हो गया। मृतका के भाई ने विनय राजपूत को फोन किया और अपनी बहन के बारे में पूछा कि क्या उसको जानकारी है वह कहां होगी। विनय ने बताया मुझे फीवर आ रहा है। इसलिए मैं दवा खाकर घर पर आराम कर रहा हूं। आज ऑफिस ही नहीं गया हूं। विनय बोरे को यमुना किनारे फेंकने के बाद सीधे मृतका के भाई के पास पहुंचा। उसे लेकर मिंकी को खोजने का नाटक किया। ऑफिस भी लेकर पहुंचा और कहा की यहां तो शटर गिरा हुआ है। इसके बाद उसे लेकर ट्रांस यमुना थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचा। परिजनों और पुलिस को उस पर तनिक भी शक नहीं था कि वही हत्यारा है। इधर शव मिलने के बाद इंस्पेक्टर एत्माउद्दौला देवेंद्र दुबे ने आसपास के थानों में पता किया कि कहीं किसी युवती की गुमशुदगी दर्ज तो नहीं हुई है। ट्रांस यमुना थाने से उन्हें जानकारी हुई कि वहां पर एक गुमशुदगी दर्ज हुई है। इसके बाद परिजनों से शव की शिनाख्त कराई। उन्होंने नाखूनों पर लगी नेल पॉलिश से युवती की शिनाख्त की। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए। मिंकी की स्कूटी से विनय जाता हुआ दिखाई दे गया। स्कूटी पर बोरा भी रखा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। जैसे ही पूछताछ की उसने पूरी घटना बता दी। पुलिस पूछताछ में विनय ने बताया कि उसे लगने लगा था कि मिंकी किसी और से बात करती है, जबकि खर्च वही उठाता है। यही सोच धीरे-धीरे गुस्से और फिर खौफनाक फैसले में बदल गई। 17 जनवरी को उसने हत्या की साज़िश रच ली थी। ऑफिस और बिल्डिंग के सीसीटीवी के तार काट दिए थे, ताकि कोई सबूत न बचे। फिर यमुना पार एक लोहार से नारियल काटने वाला तेज़ धार का चाकू खरीदा और उसे और पैना करवाया, इरादा साफ था।











