-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में 40 करोड़ की लागत से बने संस्कृति भवन की लिफ्ट आज फिर से खराब हो गई। लिफ्ट में कई घंटे तक छात्र अंदर फंसे रहे। लिफ्ट के अंदर छात्रों का दम घुटता रहा। काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया। आए दिन लिफ्ट खराब होती देखकर छात्र अपने को कोस रहे हैं कि उन्होंने कहा प्रवेश ले लिया।
सिविल लाइन में विश्वविद्यालय ने 40 करोड़ की लागत से संस्कृति भवन का निर्माण कराया है। आगरा विकास प्राधिकरण से उसका नक्शा भी पास नहीं हुआ है। क्योंकि विश्वविद्यालय इस जमीन का भूस्वामी नहीं है। इधर, बिल्डिंग नई है फिर भी बीते दिनों एक बड़ा टाइल 35 फुट ऊंचाई से नीचे गिरा था। कई जगह से बिल्डिंग की दीवारों में दरार पड़ने लगी हैं। फॉल्स सीलिंग चटक कर गिर रही हैं। आलम यह है कि इतनी बड़ी बिल्डिंग में पानी निकासी के लिए भी उपाय नहीं किया गया है। पिछले दो-तीन दिनों में हुई बारिश का पानी बेसमेंट में भरा हुआ है, जिससे वहां भारी संख्या में मच्छर पनप रहे हैं। इधर बिल्डिंग में लगी लिफ्ट से छात्र-छात्राएं काफी परेशान हैं। पूर्व में कई बार वह उसमें फंस चुके हैं। आज भी आईटीएचएम के 2 छात्र लिफ्ट के अंदर फंस गए। लिफ्ट में फंसने के बाद उन्होंने प्रोफेसर यूएन शुक्ला को जानकारी दी। शिक्षकों ने लिफ्ट लगाने वाली कंपनी के कर्मचारियों को फोन किया। काफी देर के बाद वह वहां पहुंचे और दोनों छात्रों को बाहर निकाला।
छात्र नेता राहुल पाराशर का कहना है कि कमीशन के लालच में घटिया कंपनी की लिफ्ट लगवा दी गई है। पैसा पानी की तरह बहाया गया है फिर काम संतोषजनक नहीं हुआ है। कुछ दिनों पहले स्विमिंग पूल के ऊपर भी कई लाख रुपए की सीट लगवाई गई है, जबकि इसका कोई औचित्य नहीं था। संस्थान के स्विमिंग पूल में बंदर नहाते अक्सर देखे जाते हैं।










