आगरा। एसीपी कोतवाली ने मुखबिर की सूचना पर लव जिहाद होने से बचा लिया। अगर थोड़ी सी भी देरी हो जाती तो आरोपी किशोरी से निकाह कर लेता। वह उसे मौलवी के घर में बंधक बनाकर रखे हुए था।
एसीपी कोतवाली सुकन्या शर्मा ने बताया कि चार-पांच दिन पहले एक किशोरी बिहार से अपनी चाची के साथ आगरा कैंट स्टेशन पर आई थी। यहां पर वह उनसे बिछड़ गई। किशोरी को अकेला देखकर लोहामंडी का रहने वाला अनीश उसे बहला-फुसलाकर ले आया और नाई की मंडी में रहने वाले मौलवी रसीद के घर में बंधक बना लिया। यहां से वह उसे दिल्ली लेकर गया। फिर वापस मौलवी के ही घर में ले आया और यहां उसे दोबारा बंधक बना लिया। अनीश का अपनी पत्नी से झगड़ा चल रहा है। अनीश हिंदू बनकर किशोरी को बहला-फुसलाकर उससे लव जिहाद करने की फिराक में था। इसी बीच किसी मुखबिर ने एसीपी कोतवाली सुकन्या शर्मा को इस बात की सूचना दे दी। एसीपी सुकन्या शर्मा उस समय पैदल गश्त पर थी। लव जिहाद और किशोरी को बंधक बनाने की सूचना पर वह दौड़ते हुए मौलवी के घर में पहुंच गई और किशोरी को मुक्त कराया। एसीपी कोतवाली सुकन्या शर्मा ने बताया कि अनीस और रसीद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। अनीस लव जिहाद की फिराक में था। पुलिस ने उसके मंसूबे चकनाचूर कर दिए हैं।











