आगरा। आगरा पुलिस अवैध वसूली के लिए मशहूर होती जा रही है। एक तरफ मुख्यमंत्री ने कहा है कि कमिश्नरेट बनने के बाद जनता को लगना चाहिए कि कमिश्नरेट बनने से कुछ लाभ मिला है। वहीं दूसरी ओर पुलिसकर्मी सिर्फ और सिर्फ वसूली पर ध्यान दे रहे हैं। अभी तक कई निलंबित भी हो चुके हैं लेकिन फिर भी कोई सुधार नहीं हो रहा है।
शुक्रवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय में रोहित कुमार नाम का एक युवक पहुंचा, उसके पैर में काफी चोट थी। एक पैर पर बैसाखी के सहारे वह चलकर आया था। साथ में उसकी मां भी थी। रोहित ने शिकायत की कि ट्रांस यमुना थाना के दो कॉन्स्टेबल उसे मंडी समिति चौकी पर ले गए। यहां पर उससे 50 हजार मांगे। पैसे नहीं देने पर उसे पीटा गया जिसमें उसका एक पैर टूट गया है। पैसे नहीं देने पर पुलिस ने 151 में चालान भी कर दिया। जमानत पर आने के बाद उसने अपना उपचार कराया उसने अधिकारियों को एक्सरे भी दिखाया जिसमें पैर टूटा हुआ है। मामले में अधिकारियों ने एसीपी छत्ता को जांच के आदेश दिए हैं। इधर तीन दिन पहले खेरागढ़ थाना पुलिस ने दो लोगों को अवैध हिरासत में रखकर 30 हजार ले लिए थे। मामला सुर्खियों में छाने के बाद वापस कर दिए थे। जांच में आरोप सही पाए गए थे पुलिस कमिश्नर ने दोनों को निलंबित कर दिया था।











