नई दिल्ली/आगरा। राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश के हालिया बयानों को सनातन संस्कृति का मखौल बताते हुए जैन ने उनकी हिंदू-विरोधी मानसिकता पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश सनातन के अपमान के लिए हिंदू समाज से क्षमायाचना करें।
गौशाला पर विवादित टिप्पणी: सनातन का अपमान
सांसद नवीन जैन ने अखिलेश यादव के उस बयान की कठोर आलोचना की, जिसमें उन्होंने गौशाला को “दुर्गंध वाला काम” करार दिया। जैन ने कहा, “स्वयं को श्रीकृष्ण का वंशज कहने वाले अखिलेश को गौशाला में दुर्गंध नजर आती है। यह सनातन संस्कृति का अपमान नहीं तो और क्या है?” उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अखिलेश यह भूल गए कि श्रीकृष्ण ने गायों की सेवा को जीवन का आधार माना था। जैन ने आरोप लगाया कि यह बयान सिर्फ एक वर्ग विशेष के वोट बैंक को खुश करने के लिए दिया गया, जो सपा की तुष्टिकरण नीति का परिचायक है।
नवदुर्गा पर व्यंग्य: आस्था का मखौल
अखिलेश के बयान कि “योगी को नहीं पता कि नवदुर्गा आ रहे हैं” पर श्री जैन ने पलटवार करते हुए कहा, “योगी तो नवदुर्गा के स्वागत में मुख्यमंत्री आवास में कन्या पूजन करते हैं, पर अखिलेश को यह दिखाई नहीं देता।” उन्होंने इसे सनातन आस्था का उपहास बताते हुए कहा कि अखिलेश की यह टिप्पणी उनकी ओछी मानसिकता को उजागर करती है। जैन ने सवाल उठाया कि क्या सत्ता के लालच में सपा अध्यक्ष हिंदू परंपराओं को बार-बार अपमानित करते रहेंगे?
राणा सांगा को गद्दार कहलवाया: इतिहास का अपमान
सांसद जैन ने सपा सांसद रामजी लाल सुमन के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने महान योद्धा राणा सांगा को “गद्दार” कहा था। अखिलेश द्वारा इस बयान का समर्थन करने पर जैन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “राणा सांगा ने खानवा के मैदान में आक्रमणकारी बाबर का डटकर मुकाबला किया और प्रथम युद्ध जीता था। यदि बाबर को उन्होंने बुलाया होता, तो युद्ध क्यों करते?” जैन ने अखिलेश पर हमला बोलते हुए कहा, “अपनी महान विरासत पर गर्व न करने वाले अखिलेश मुगलों के हमसफर बने हुए हैं। यह हिंदू समाज के लिए असहनीय अपमान है।”
हिंदू-विरोधी बयानों का सिलसिला पुराना
सांसद नवीन जैन ने अखिलेश के पूर्व के विवादित बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “महाकुंभ में 1000 हिंदुओं के लापता होने का दावा, हिंदू साधु-संतों की तुलना माफियाओं से करना, और अब गौशाला को दुर्गंध बताना—यह सनातन के प्रति उनकी घृणा का प्रमाण है।” जैन ने याद दिलाया कि अखिलेश और उनके पिता मुलायम सिंह यादव ने सत्ता में रहते हुए हमेशा एक वर्ग विशेष की चाटुकारिता की और हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।











