आगरा। कहावत है कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। इस कहावत को आगरा पुलिस ने चरितार्थ भी किया है। लूट, डकैती और अपहरण जैसी वारदातों में शामिल रहा कुख्यात अपराधी बबलू टाइगर 23 साल बाद आगरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके ऊपर 500 रुपये से इनाम शुरू हुआ था और 50 हजार तक पहुंच गया। वह एक दूध व्यापारी के अपहरण के लिए आया हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे दबोच लिया।
डीसीपी पूर्वी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि वर्ष 2002 में आरोपित ने राठेरी गांव के हरिओम उर्फ कल्ला का अपहरण किया था। गैंग के मुखिया निर्भय गुर्जर के पुलिस एकाउंटर में मारे जाने के बाद से वह गायब हो गया था। पुलिस सालों तक तलाशती रही वह कहीं नहीं मिला। सोमवार को मुखबिर के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि वह एक दूध व्यापारी के अपहरण के लिए आया है। चेकिंग के दौरान डौकी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वर्तमान में बबलू टाइगर उर्फ जितेंद्र बांदा में रह रहा था। आरोपित दस्यु सरगना निर्भय गुर्जर गैंग का सदस्य है। आरोपित गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर अपहरण की वारदातों को अंजाम देता था। डीसीपी ने बताया आरोपित के खिलाफ पिढ़ौरा थाने में वर्ष 2002 में अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। तभी से पुलिस को उसकी तलाश थी। शुरुआत में उसके ऊपर पांच सौ रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इनाम की धनराशि पांच सौ से बढ़कर 25 हजार हुई, इसके बाद 50 हजार रुपये।











