आगरा। डीईआई, पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन फॉर टीचर्स एंड ट्रेनिंग के द्वारा ‘इंटीग्रेशन ऑफ म्यूजिक इन टीचिंग लर्निंग’ नाम से दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षकों, पूर्व शिक्षकों को यह सिखाया गया कि विभिन्न विषयों को संगीत द्वारा किस प्रकार पढ़ाया जाए।
दो दिन चली कार्यशाला का शुभारंभ स. डी श्रीवास्तव ने किया। श्री श्रीवास्तव ने संगीत के महत्व को उजागर करते हुए वायलिन वादन की मनमोहक प्रस्तुति दी। विभागाध्यक्ष संगीत प्रोफेसर लवली शर्मा ने शिक्षण में संगीत के एकीकरण पर जोर दिया। पूर्व डीन प्रोफेसर विभा निगम ने संगीत के एकीकरण के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किए। डॉ. गौतम तिवारी ने अंतक्रियात्मक विधि से संगीत का प्रयोग करते हुए लर्निंग को रोचक बचाने पर बल दिया। प्रतिभागियों के द्वारा कक्षा में संगीत समाहित करने के सामूहिक उदाहरण प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही सुदामा चरित्र नाटक का मंचन भी हुआ। कार्यशाला में 100 पूर्व शिक्षक, 52 शिक्षक तथा 25 विश्वविद्यालय शिक्षकों ने भागीदारी की। कार्यशाला के दौरान संकाय प्रमुख प्रोफेसर नंदिता सत्संगी, कोऑर्डिनेटर स्कूल ऑफ एजुकेशन डॉ. सोना दीक्षित, डॉ. पूजा वर्मा, डॉ. अमित जोहरी, उमेश सोन आदि उपस्थित रहे।












