ऋषि चौहान
एटा। हिंदुत्व की राजनीति के महा योद्धा थे कल्याण सिंह। उन्हें मरणोपरांत पदम विभूषण से सम्मानित करके भाजपा ने अपने हिंदुत्व के एजेंडे को विस्तार दिया है। राम मंदिर आंदोलन के बाद कल्याण सिंह देश में ही नहीं, सर्वत्र हिंदुत्व के बहुत बड़े ध्वज वाहक बन गए थे।
कल्याण सिंह को पदम विभूषण देकर भाजपा ने उनके सजातीय लोधा राजपूत सहित अति पिछड़ों सहित हिंदुओं को बहुत बड़ा संदेश देने की कोशिश की है ताकि हिंदुत्व की राजनीति को इसमें और विस्तार दिया जाए।
हिंदुत्व की राजनीति के पुरोधा कल्याण सिंह को आज मरणोपरांत राजभवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पदम विभूषण से सम्मानित किया। यह सम्मान उनके बेटे एटा से सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू ने ग्रहण किया।
कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 को अलीगढ़ जिले के अतरौली क्षेत्र के मंडोली गांव में हुआ, उनकी प्रारंभिक शिक्षा अलीगढ़ में हुई।
कल्याण सिंह दो प्रदेशों के राज्यपाल रहे। राजस्थान और हिमाचल प्रदेश। उत्तर प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहे। दुर्भाग्य से दोनों बार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। 6 दिसंबर 1992 को बावरी विध्वंस के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को इस्तीफा देना पड़ा। मंदिर आंदोलन से ही वे देश के हिंदुत्व के बहुत बड़े अलंबरदार बने। 21 अगस्त 2021 को उनका निधन हो गया। उनके एक बेटा और एक बेटी है।
कल्याण सिंह ने ताउम्र हिंदुत्व की राजनीति की लेकिन भाजपा के पूर्व प्रधानमंत्री बिहारी बाजपेई से खराब संबंधों के चलते उन्होंने 5 साल के लिए भाजपा को छोड़कर अपनी अलग RKP पार्टी बनाई। नई पार्टी बनाने के बाद वह खुद तो बड़ी सफलता अर्जित नहीं कर सके लेकिन भाजपा को उन्होंने धूल चटा दी।
भाजपा से अलगाव के चलते वे अपने धुर विरोधी सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से भी मिले और उसी दौरान 2009 में उन्होंने एटा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लोकसभा का चुनाव भी लड़ा और विजयी। हुए उसके बाद दो चुनावों में उनके बेटे राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया एटा से सांसद हैं भाजपा के टिकट पर।
कल्याण सिंह 1993 के चुनाव में कासगंज से विधायक चुने गए। एटा में कल्याण सिंह ने सजातियों में गहरी पैठ के चलते तमाम राजनीतिक सफलताएं दिलाई। आज भी एटा और कासगंज की 4 सीटों पर उन्हीं के सजातीय विधायक हैं। कासगंज, अमापुर, एटा और मारहरा सीट पर उनके साथियों का वर्चस्व है। इसीलिए आज एटा में मरणोपरांत पदम विभूषण दिए जाने पर जश्न का माहौल है।











