नई दिल्ली। छह महीने तक चले बैठकों और मुलाकातों के दौर के बाद अब कांग्रेस में प्रशांत किशोर की एंट्री करीब-करीब तय मानी जा रही है। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दिल्ली पहुंचे हैं। वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर पीके पर बात कर रहे हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कहा है कि प्रशांत किशोर जैसे स्ट्रैटजिस्ट का अनुभव कांग्रेस के लिए फायदेमंद होगा।
सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत किशोर को पार्टी महासचिव का रोल दिया जा सकता है। वे स्ट्रैटजी और अलायंस पर काम करेंगे। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस में पहली बार इस तरह के पद बनाए जाएंगे। यानी 2024 लोकसभा चुनाव के लिए प्रशांत कांग्रेस की चुनावी रणनीति और दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन पर फैसला करेंगे। अक्टूबर 2021 में राहुल-प्रियंका से मुलाकात में प्रशांत किशोर ने पार्टी में अपनी भूमिका का जिक्र किया था। उस वक्त पार्टी के फैसले लेने वाली सबसे बड़ी बॉडी कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों के विरोध की वजह से पीके की एंट्री टल गई थी, लेकिन अब प्रशांत के कांग्रेस में शामिल होने और उनकी भूमिका को लेकर हाईकमान की मुहर लगभग लग चुकी है।











