आगरा। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कृष्णनगरी पहुंचे। उन्हें देखने के लिए भारी संख्या में लोगों का सैलाब उमड़ा है। सुरक्षा व्यवस्था में 1500 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कृष्ण नगरी में आकर कहा है कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज ब्रज के दर्शन का अवसर मिला है। ब्रजवासियों के दर्शन का अवसर मिला है। क्योंकि यहां वही आता है जिसे श्रीकृष्ण और श्रीजी बुलाते हैं। ये कोई साधारण धरती नहीं है। ये ब्रज तो हमारे ‘श्यामा-श्याम जू’ का अपना धाम है। ब्रज ‘लाल जी’ और ‘लाडली जी’ के प्रेम का साक्षात अवतार है। ये ब्रज ही है, जिसकी रज भी पूरे संसार में पूजनीय है।
सबसे पहले प्रधानमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान में दर्शन किए। इसके बाद ब्रज रज कार्यक्रम में पहुंचे और मीराबाई पर डाक टिकट और 525 रुपये का सिक्का जारी किया। प्रधानमंत्री ने राधे-राधे कहकर अपना उद्बोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि भगवान के दर्शन और भी दिव्यता से होंगे। संतों ने कहा है कि वृंदावन सा वन नहीं, नंदगांव जैसा गांव नहीं और वंशी वट जैसा कहीं वट नहीं। मथुरा और ब्रज विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहेंगे। यहां भगवान के दर्शन और भी दिव्यता से होंगे। खुशी है कि यहां ब्रज तीर्थ विकास की स्थापना की गई है। मीराबाई को लेकर उन्होंने कहा कि वह महान समाज सुधारक भी थीं। मीराबाई जैसी संत ने दिखाया कि नारी का आत्मबल पूरे संसार को दिशा दिखाने का कार्य करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि समारोह में आना इसलिए भी विशेष है क्योंकि भगवान कृष्ण से लेकर मीराबाई तक गुजरात का अलग ही रिश्ता रहा है। मथुरा के कान्हा ने यहां से जाकर गुजरात में द्वारिका बनाई। मीराबाई ने राजस्थान से आकर अंत समय गुजरात में बिताया। मीरा बाई मध्यकाल की महान महिला ही नहीं थी बल्कि महान सामाज सुधारक भी थीं। पीएम का उद्बोधन खत्म होने के बाद हेमामालिनी ने मीरा की भगवान कृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति का सजीव चित्रण किया। दिखाया कि किस तरह ससुराल जनों द्वारा उन्हें भक्ति मार्ग से उद्वेलित करने के लिए अपमानित किया गया। मीरा को उनके पति ने कैसे समझाया। ऐसी भक्ति के नृत्य नाटिका की प्रस्तुति को देख दर्शक मंत्रमुग्ध दिखाई दिए।











