आगरा। आगरा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. अनुराग शुक्ला के द्वारा वर्तमान प्राचार्य प्रोफेसर सीके गौतम पर धोखाधड़ी से नौकरी लेने के आरोप लगाए गए हैं। मामले में लोहामंडी थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है। प्राचार्य प्रोफेसर सीके गौतम का कहना है कि उनके ऊपर फर्जी आरोप लगाए गए हैं। इस बात को लेकर वह डॉक्टर अनुराग शुक्ला पर मानहानि का मुकदमा भी करेंगे।
प्रतापगढ़ के रहने वाले डॉ. अनुराग शुक्ला आगरा कॉलेज में प्राचार्य पद पर तैनात रहे हैं। फर्जी तरीके से नौकरी पाने का उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद उन्हें सेवा से निकाल भी दिया गया है। उनका चयन ही निरस्त कर दिया गया। वह हाई कोर्ट भी गए लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली। इधर उन्होंने पुलिस में शिकायत की कि डॉ. सीके गौतम की नियुक्ति उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन संख्या 20 के तहत हुई थी। शिकायत के अनुसार, डॉ. गौतम ने 1990 में हाथरस के सेठ पीसी बागला महाविद्यालय से अंग्रेजी में एमए तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण किया था, जिसमें उन्हें 1000 में से केवल 471 अंक मिले थे। आरोप है कि उस समय साक्षात्कार के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक अनिवार्य थे, जबकि डॉ. गौतम के अंक इससे काफी कम थे। इस कमी को पूरा करने और साक्षात्कार के लिए बुलाए जाने के लिए, उन्होंने कथित तौर पर 20 मई 1995 को तहसील सादाबाद, मथुरा से खुद को जाटव जाति का बताते हुए एक फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाया। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया गया और उनका चयन सामान्य वर्ग में हो गया। शिकायत में आगे कहा गया है कि चयन होने के बाद डॉ. गौतम ने अपने एमए के अंकों को संशोधित कर 1000 में से 572 अंक दर्शाने वाली एक कूटरचित अंकतालिका बनवा ली जिससे किसी को जाति प्रमाण पत्र के सहारे साक्षात्कार तक पहुंचने की बात का पता न चले।
पूर्व प्राचार्य डॉ. अनुराग शुक्ला के ऊपर कूटरचित दस्तावेज लगाकर नौकरी लेने का मामला सामने आया था। उन्हें प्राचार्य पद से भी हटा दिया गया था। बाद में उनका चयन भी निरस्त कर दिया गया। पद से हटने के बाद वह उल्टे सीधे आरोप लगा रहे हैं। मैंने कोई भी जाति का फर्जी प्रमाण पत्र नहीं बनवाया है। मेरी नियुक्ति भी सही तरीके से हुई है। एसटीएफ भी मेरी नियुक्ति की जांच कर चुकी है जिसमें उसे कोई भी गलत दस्तावेज नहीं मिला। डॉ. अनुराग शुक्ला ने मुझ पर जो मिथ्या आरोप लगाए हैं उसे लेकर उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा। उनके इन आरोपों से मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हुई है। मैं कॉलेज को ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूं और करता रहूंगा।
प्रोफेसर सीके गौतम, प्राचार्य आगरा कॉलेज

पूर्व प्राचार्य डॉ. अनुराग शुक्ला के ऊपर कूटरचित दस्तावेज लगाकर नौकरी लेने का मामला सामने आया था। उन्हें प्राचार्य पद से भी हटा दिया गया था। बाद में उनका चयन भी निरस्त कर दिया गया। पद से हटने के बाद वह उल्टे सीधे आरोप लगा रहे हैं। मैंने कोई भी जाति का फर्जी प्रमाण पत्र नहीं बनवाया है। मेरी नियुक्ति भी सही तरीके से हुई है। एसटीएफ भी मेरी नियुक्ति की जांच कर चुकी है जिसमें उसे कोई भी गलत दस्तावेज नहीं मिला। डॉ. अनुराग शुक्ला ने मुझ पर जो मिथ्या आरोप लगाए हैं उसे लेकर उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा। उनके इन आरोपों से मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हुई है। मैं कॉलेज को ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूं और करता रहूंगा।









