आगरा। जगदीशपुरा में करोड़ों रुपए की जमीन पर कब्जे के मामले में फरार इनामी बिल्डर और उनके बेटे को मुकदमा दर्ज होने के 17 दिन बाद भी पुलिस पकड़ने में लगी हुई है।
करीब 50 करोड़ रुपये की चार बीघा जमीन पर कब्जा कराने के लिए पुलिस ने दो फर्जी मुकदमे दर्ज कर पांच निर्दोष लोगों को जेल भेजा था। डीजीपी से शिकायत के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित कई पुलिसकर्मी निलंबित किए गए। पुलिस ने जमीन की कथित मालकिन उमा देवी की तहरीर पर डकैती की धारा में थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार, बिल्डर, उसके बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मुकदमे में सबसे पहले अमित अग्रवाल पकड़ा गया था। उसके बाद पुलिस ने जितेंद्र कुमार को जेल भेजा। बिल्डर, बेटे और पुरुषोत्तम पहलवान पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। शानिवार को पुरुषोत्तम पहलवान को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस को उसने बताया कि बिल्डर से उसकी पुरानी पहचान है। बिल्डर का एक आदमी किशोर बघेल है। किशोर बघेल बोदला का निवासी है। किशोर बघेल उसे विवादित जमीन पर लेकर गया था। मौके पर जो सामान रखा हुआ था उसे किशोर बघेल ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले गया था। एक आनंद जुरैल का भी नाम सामने आया है। यह भी बिल्डर के साथ मौके पर आया था। बिल्डर और उनके बेटे को तो पुलिस पकड़ ही नहीं पा रही। इसके साथ ही किशोर बघेल और आनंद जुरैल भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। थानाध्यक्ष जगदीशपुरा कुशल पाल सिंह ने बताया कि सभी को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। मंगलवार को भी बिल्डर और उनके बेटे के मिलने वालों के यहां दबिश दी गई है।











