आगरा। डॉ. बीसी राय नेशनल अवार्ड से सम्मानित सर्जन प्रो. एचएस असोपा का आज सुबह निधन हो गया है। वह 91 वर्ष के थे और कुछ दिनों से अस्वस्थ्य चल रहे थे। शिक्षा जगत में उनका काफी नाम था। निधन की खबर सुनकर चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
शल्य चिकित्सकों के पितामह, बच्चों की मूत्रमार्ग की जन्मजात विकृति की सर्जरी के लिए असोपा टेक्निक देने वाले प्रो. एचएस असोपा ने एसएन मेडिकल कालेज से एमबीबीएस और एमएस करने के बाद चिकित्सा शिक्षक के पद पर ज्वाइन किया। इसके बाद झांसी मेडिकल कालेज में सर्जरी विभाग के अध्यक्ष रहे। गैलाना रोड पर असोपा हास्पिटल बनाया। उन्होंने बच्चों के मूत्रमार्ग का रास्ता टेढ़े होने की जन्मजात विकृति हाइपोस्पेडियास की सर्जरी के लिए असोपा टेक्निक विकसित की। इस टेक्निक में समय समय पर कई अपडेट भी किए गए और दुनिया भर में हाइपोस्पेडियास से पीड़ित बच्चों के लिए सबसे अच्छी सर्जरी की विधि मानी जाती है। उनके बड़े बेटे रवि असोपा आस्ट्रेलिया और बेटी अर्चना अमेरिका में हैं। यहां वे छोटे बेटे डा. ज्योति असोपा और डा. पुनीता असोपा के साथ रह रहे थे। उनके विदेश से आने पर गुरुवार सुबह अंतिम संस्कार होगा।











