आगरा। डॉ. सरकार नर्सिंग होम ने एक और दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि हासिल की। एक महिला मरीज को तेज पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के साथ अस्पताल लाया गया। डॉ. हिमांशु यादव (गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट) द्वारा तुरंत जांच की गई, और अल्ट्रासाउंड (में पाया गया कि मरीज को आंतों की रुकावट है। लेकिन यही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि मरीज के गर्भाशय में 5 किलो का एक बड़ा फाइब्रॉइड (जो ट्यूमर का रूप ले चुका था) भी मौजूद है।
मरीज पहले से ही डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हाइपोथायरायडिज्म जैसी बीमारियों से जूझ रही थी, जिससे ऑपरेशन अत्यधिक जोखिम भरा हो गया था। लेकिन डॉ. हिमांशु यादव और उनकी टीम ने तुरंत फैसला किया कि मरीज को दो बार ऑपरेशन का दर्द झेलने से बचाने के लिए दोनों सर्जरी एक साथ की जाए।
दो सर्जरी, एक ऑपरेशन – असंभव को संभव बनाया
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने पहले आंतों की रुकावट को ठीक किया, ताकि मरीज की जान को तत्काल कोई खतरा न हो। इसके तुरंत बाद, डॉ. देबाशीष सरकार (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और उनकी टीम ने टोटल एब्डॉमिनल हिस्टेरेक्टॉमी (गर्भाशय हटाने की सर्जरी) कर पांच किलो के ट्यूमर को भी सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया। पूरे ऑपरेशन के दौरान डॉ. अंशिका सरकार और डॉ. विनय तिवारी (एनेस्थेटिस्ट्स) ने बेहोशी और मरीज की निगरानी का जिम्मा संभाला, जिससे यह जटिल सर्जरी बिना किसी जटिलता के पूरी हो सकी।











