आगरा। आरपीएफ आगरा कैंट थाने में तैनात इंस्पेक्टर और दो कॉन्स्टेबल ने मलपुरा थाना क्षेत्र से दो लोगों का अपहरण कर लिया। अपहरण करने के बाद चार लाख रुपये फिरौती मांगी। अपहरण किये गए युवक का भाई जब फिरौती देने गया तो पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया और दोनों को उनके चंगुल से मुक्त कराया। अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए पुलिस आयुक्त पूरे आठ घंटे तक टीमों को दिशा निर्देश देते रहे जिसके बाद यह ऑपरेशन सफल हुआ।
मलपुरा थाना क्षेत्र के गांव अभयपुरा में सोमवार की रात तीन लोग वर्दी में एक राजस्थान नंबर की गाड़ी से पहुंचे। वह एक घर में पहुंचे। अंदर जाते ही उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने कासिम और इकरार को पकड़ लिया और बाहर गाड़ी में लाकर बैठा लिया। गाड़ी में पहले से ही एक प्राइवेट ड्राइवर मौजूद था। पुलिसकर्मी दोनों लोगों का अपहरण कर ले गए। वह सीधे उन्हें राजामंडी स्टेशन चौकी पर लेकर पहुंचे। अपहरण कर लाए युवक के नंबर से उसके भाई को व्हाट्सअप कॉल किया और बताया कि अगर तुमने किसी को बताया तो सही नहीं होगा। इधर युवक और उसके जीजा को पूरी रात थर्ड डिग्री दी। दोनों ने कहा कि साहब पैसे ले लो, लेकिन छोड़ दो। इसके बाद उन्होंने उसी के नंबर से उसके भाई पर व्हाटसअप कॉल किया और चार लाख रुपये की फिरौती मांगी। साथ ही यह भी कहा कि किसी को बताया तो दोनों को जान से मार देंगे। युवक साहस करते हुए मंगलवार दिन में एक बजे मलपुरा थाने में पहुंचा। थाना पुलिस ने पुलिस उप आयुक्त सत्यजीत गुप्ता को जानकारी दी, उन्होंने पुलिस आयुक्त को। पुलिस आयुक्त ने बरामदगी को कई टीमें गठित कर दी। यह सभी फोन का इंतजार करने लगीं। इसी बीच अपहरण करने वालों का फोन आया और उन्होंने चार लाख रुपये लेकर शहीद नगर चौकी पर आने के लिए कहा। थोड़ी देर बाद फिर से फोन किया और अमर होटल पर आने के लिए कहा। इसके बाद तीसरी बार फिर से फोन आया और उन्हें आने के लिए नई जगह बताई गई। पुलिस ने युवक को पैसे दिए और कहा कि वह अपहरण करने वालों को पैसे देने जाए। पुलिस ने भी चारों ओर से नाकाबंदी कर ली। जैसे ही अपहरणकर्ता गाड़ी से आए। पुलिस ने युवक को उन्हें पैसे देने के लिए भेज दिया। जैसे ही वह पैसे देने के लिए गया तो अपरहणकर्ता बोले यह तो कम पैसे हैं। इस पर उसने कहा कि मैं बाद में दे दूंगा। इतने में पुलिस मौके पर पहुंच गई और तीनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उप आयुक्त सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि तीनों लोग आरपीएफ आगरा कैंट थाने में तैनात हैं। इनके नाम सुरेश, पारूल और नीरज हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि रकम वसूलने को उन्होंने फिरौती की थी। इन्होंने चौकी पर ले जाकर उन्हें थर्ड डिग्री दी। इसके बाद व्हाटसअप कॉल से चार लाख रुपये फिरौती मांगी। पुलिस आयुक्त डॉ.प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि सुरेश आरपीएफ में इंस्पेक्टर और पारुल व नीरज कॉन्स्टेबल हैं।











