आगरा। स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी आर के सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। छावनी विधायक डॉक्टर जीएस धर्मेश ने भ्रष्टाचार के उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर लोकायुक्त की जांच की मांग की थी।
अधिशासी अभियंता आरके सिंह स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। छावनी से भाजपा विधायक डॉक्टर जीएस धर्मेश ने नोडल अधिकारी पर काम के दौरान भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था। जिसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की थी। जांच की मांग भी की थी। जिसके बाद अधिशासी अभियंता आरके सिंह से जवाब तलब भी किया गया था। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त द्वारा आरके सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की गई। जिसमें अपर नगर आयुक्त ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। लेकिन शिकायत करने वाले विधायक डॉक्टर जीएस धर्मेश ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से नकार दिया। कहा कि इस मामले में वह मुख्यमंत्री से जल्द मुलाकात कर शिकायत करेंगे। वहीं शासन द्वारा आरके सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। इस जगह पर चीफ इंजीनियर बीएल गुप्ता को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का नोडल अधिकारी बनाया गया है। विधायक डॉक्टर जीएस धर्मेश ने निर्माण कार्य व विभिन्न टेंडर प्रक्रिया पर भ्रष्टाचार होने की बात कही थी। उन्होंने स्मार्ट सिटी के कार्यों में कमीशन खोरी रिश्वत और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। साथ ही विजिलेंस जांच की मांग की थी।











