आगरा। लखनऊ के इंदिरा नगर थाने में कुलपति विनय पाठक के खिलाफ भ्रष्टाचार एवं अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद एसटीएफ ने अपनी जांच में तेजी कर दी है। एसटीएफ की टीम आज विश्वविद्यालय में आई हुई है। कुलपति पाठक ने अपने कार्यकाल में कितने भुगतान किए थे। यह जानकारी टीम के द्वारा जुटाई जा रही है। कई मामले देखने के बाद टीम भी आश्चर्यचकित हो गई है। क्योंकि इनमें मानकों का कोई पालन नहीं किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसटीएफ विश्वविद्यालय में फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। रविवार को डिजिटेक कंपनी के प्रबंध निदेशक डेविड ने विनय पाठक और उनके खास अजय मिश्रा के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया है। आरोप है कि विनय पाठक ने भुगतान करने के नाम पर एक करोड़ 41 लाख रुपए कमीशन के रूप में अजय मिश्रा को दिलवाए। कुलपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद पूरे प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय में खलबली मची हुई है।
कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद टीम द्वारा आंबेडकर विश्वविद्यालय में उनके कार्यकाल में हुए सारे कार्यों की जानकारी ली जा रही है। टीम शिवाजी मंडप को भी देखने के लिए पहुंची है। टीम यह देखकर आश्चर्यचकित हो गई कि यह 12 करोड़ का बनना था और 23 करोड रुपए का बनाया गया है। कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने कितना भुगतान किया है। यह जानकारी टीम के द्वारा ली जा रही है। संस्कृति भवन में मंगाए गए फर्नीचर, विज्ञापन के नाम पर खर्च की गई रकम, अलीगढ़ विश्वविद्यालय से संबंध कितने कॉलेजों को मान्यता दी गई है, डिजी लॉकर के लिए अजय मिश्रा को कितने पैसे दिए गए, क्या इसमें टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई थी, स्कैन का काम करने वाले आदर्श पाठक को अब तक कितना भुगतान किया गया है आदि पत्रावली भी एसटीएफ की टीम ने मांगी हैं। सूत्रों की माने तो टीम के संज्ञान में आया है कि वर्तमान कुलपति के द्वारा शिवाजी मंडप के लिए फर्नीचर खरीदा जा रहा है। यह 23 करोड़ में शामिल है या अलग से लिया जा रहा है। टीम इस बात की भी जानकारी कर रही है। संस्कृति भवन में मंगाए गए करोड़ों रुपए के फर्नीचर के संबंध में भी टीम के द्वारा जानकारी की जा रही है। टीम कुछ पूर्व अधिकारियों के भी बारे में जानकारी जुटा रही है। टीम के संज्ञान में आया है कि कई अधिकारी मालामाल होकर गए हैं। आने वाले दिनों में इन अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
इधर आज से बीडीएस की परीक्षाएं थी। गाजियाबाद के एक कॉलेज ने अंतिम समय पर विश्वविद्यालय से परीक्षा कराने से मना कर दिया। परीक्षा नियंत्रक डॉक्टर ओमप्रकाश ने बताया है कि आज की परीक्षा 10 नवंबर को कराई जाएगी। वही जिस कॉलेज ने परीक्षा कराने से मना किया था उसकी जगह पर अब दूसरा कॉलेज केंद्र बना दिया गया है।











