वृंदावन। केशीघाट के सामने यमुना हादसे में मौत के जिम्मेदारों को लेकर जांच चल रही थी। अभी तक की जांच रिपोर्ट में ठेकेदार और मोटरबोट चालक की लापरवाही सामने आई है। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
मांट थाने के दारोगा आकाश चौहान ने दर्ज कराए मुकदमे में बताया कि पंजाब से आए श्रद्धालु शृंगार घाट से मोटरबोट में सवार होकर देवराहा बाबा आश्रम जा रहे थे। इसी दौरान पैंटून पुल का वृंदावन तट की ओर का हिस्सा खुला हुआ था। वहां रस्से और जेसीबी की मदद से पुल को खींचने का काम चल रहा था। श्रद्धालुओं ने नाविक से मोटरबोट वापस मोड़ने को कहा था, लेकिन उसने बात नहीं मानी और लापरवाही से श्रद्धालुओं से ओवरलोड मोटरबोट को आगे बढ़ा दिया। इसी दौरान मोटरबोट पैंटून पुल से टकरा गई और पलट गई। मोटरबोट पलटते ही श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई। जांच में सामने आया कि मांट के गांव मिरताना निवासी ठेकेदार नारायण शर्मा बिना किसी पूर्व सूचना के पैंटून पुल को खोलने और जोड़ने का कार्य करा रहा था। वहीं मोटरबोट चालक वृंदावन के जुगलघाट निवासी पप्पू उर्फ दाऊजी ने बिना किसी सुरक्षा उपकरण और लाइफ जैकेट के क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को मोटरबोट में बैठा रखा था। दोनों की लापरवाही से हादसा हुआ और 11 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई। जबकि पांच अभी भी लापता हैं। मांट थाना प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके शनिवार को जुगल घाट से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।











