लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा 6,15,518.97 करोड़ रुपए (6 लाख 15 हजार 518 करोड़, 97 लाख रुपए) का बजट पेश कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार यह बजट प्रदेश की 25 करोड़ जनता की जनभावनाओं को ध्यान में रखकर, समाज के प्रत्येक तबके के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि हमने 2022 का विधानसभा चुनाव से पहले एक लोक कल्याण संकल्प पत्र जारी किया था। इसके 130 संकल्पों में से 97 संकल्पों को पहले बजट को शामिल किया है, इसके लिए 44 संकल्प नए हैं। उन्होंने पूरे मंत्रिमंडल का धन्यवाद देते हुए कहा कि हम एक ट्रिलियन इकोनॉमी को पूरा करने में सहभागी बनेंगे।
इससे पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने बजट भाषण का समापन एक शेर से किया-उन्होंने कहा- मेरे जुनूं से नतीजा जरूर निकलेगा, इसी स्याह समंदर से नूर निकलेगा।
उन्होंने कहा कि हमने अपने संसाधनों को विभिन्न क्षेत्रों की योजनाओं के लिए इस तरह से संतुलित ढंग से आवंटित किया है कि न केवल उन क्षेत्रों का विकास हो, बल्कि विभिन्न क्षेत्र भी समग्र विकास में योगदान करें। हम अपराधियों के खिलाफ जंग जारी रखेंगे, साथ ही महिलाओं, बच्चों और युवाओं को सशक्त भी बनाएंगे। हम कृषि विनिर्माण, अवस्थापना, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
वित्त मंत्री ने बताया कि इस बार राज्य वस्तु एवं सेवा कर और मूल्य संवर्धित कर से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 1,24,477 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। आबकारी शुल्क से 49,152 करोड़ रुपए. स्टाम्प एवं पंजीकरण से 29,692 करोड़ रुपए और वाहन कर से 10,887 करोड़ रुपए का लक्ष्य है।
इस बार के बजट में 39,181.10 करोड़ रुपए की नई योजनाएं शामिल की गई हैं। सरकार का अनुमान है कि इस वित्तीय वर्ष में 5,90,951.71 करोड़ रुपए की प्राप्तियां होंगीं। इसमें 4,99,212.71 करोड़ की राजस्व प्राप्तियां होंगी, जबकि बाकी 91,739 करोड़ रुपए की पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। इन राजस्व प्राप्तियों में राजस्व का अंश 3,67,153.76 करोड़ रुपए है। इसमें यूपी का कर राजस्व 2,20,655 करोड़ रुपए और केंद्रीय करों में राज्य का अंश 1,46,498.76 शामिल है।
योगी सरकार के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में कुल 6,15,518.97 करोड़ रुपए खर्च अनुमानित है। इसमें 4,56,089.06 करोड़ रुपए राजस्व लेखे का खर्च है, जबकि 91,739 करोड़ रुपए पूंजी लेखे का व्यय है। सरकार के अनुसार कुल खर्च घटाने के बाद 24,567.26 करोड़ का घाटा अनुमानित है। सरकार के अनुसार लोक लेखे से 6000 करोड़ रुपए की शुद्ध प्राप्तियां अनुमानित हैं। वहीं पूरे लेन देन के बाद 18,567.26 करोड़ रुपए ऋणात्मक अनुमानित है।
प्रारंभिक शेष 40,550.03 करोड़ रुपए को हिसाब में जोड़ दिया जाए तो अंतिम शेष 21,982.77 करोड़ रुपए अनुमानित है। राजस्व बचत 43,123.65 करोड़ रुपए अनुमानित है। वहीं राजकोषीय घाटा 81 हजार 177 करोड़ 97 लाख रुपए (81,177.97 करोड़ रुपए) अनुमानित है। जो वर्ष के लिए अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 3.96 प्रतिशत है।











