-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में एक दुकानदार की पीट-पीटकर पसली तोड़ दी गई और उसके बाद माल सहित दुकान पर कब्जा कर लिया गया। यही नहीं पुलिस के साथ मिलकर उल्टा घायल व्यक्ति के खिलाफ धारा 307 और एसिड अटैक करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। दबंगों की मदद करने के लिए घायल का मेडिकल ही नहीं कराया गया। मामला जब पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा तो घायल के परिजनों को खोज कर उनके हाथ पैर जोड़कर उन्हें मनाया जा रहा है, उनकी तहरीर पर भी लूट का मुकदमा दर्ज कर दुकान की चाबी देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही मामले में इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर या निलंबित किए जाने की तैयारी है।

बता दें कि राज मोहम्मद के बेटे की शादी ज्ञासुद्दीन की बेटी के साथ हुई थी। ज्ञासुद्दीन ने राज मोहम्मद और उनके बेटे को अपने प्लाट में एक दुकान दे दी। कई साल से राज मोहम्मद और उनका बेटा बिल्डिंग मेटेरियल की दुकान कर रहा था। इधर उनके बेटे का तलाक हो गया। तलाक होने के बाद ज्ञासुद्दीन ने राज मोहम्मद पर दुकान खाली करने का दबाव बनाया। जब उन्होंने कुछ समय मांगा तो उन्होंने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उनको घसीट घसीट कर इतना पीटा कि उनकी पसली टूट गई। इधर पुलिस के साथ मिलकर उल्टा राज मोहम्मद उनके बेटे हबीब और अब्दुल रज्जाक के खिलाफ 307 और 326a एसिड अटैक की धारा में मुकदमा दर्ज करा दिया। घायल का साथ देने की जगह पुलिस ने आरोपियों का साथ दिया। बेटा मौके पर भी नहीं थे उसके बाद भी उनका मुकदमे में नाम लिख लिया गया। इस बात की शिकायत करने के लिए परिजन पुलिस अधिकारियों के कार्यालय में दर-दर भटकते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शनिवार को जब मामले में वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में सामने निकल कर आया कि थाना पुलिस ने घायल का साथ देने की जगह हमलावरों का साथ दिया है। इसके बाद पुलिस ने राज मोहम्मद की पत्नी को अपने पास बुलाया और उन्हें दिलासा दी कि उन्हें भी न्याय दिलाया जाएगा । राज मोहम्मद की पत्नी का रो रो कर बुरा हाल था। वह बोल रही थीं कि उनका पूरा परिवार आत्महत्या करने के लिए घूम रहा है। पुलिस ने उनके साथ बहुत अन्याय किया है। जीवन भर के लिए पुलिस की छवि उनके परिजनों के दिमाग में खराब बन गई है। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर राज मोहम्मद की पत्नी की तहरीर पर दबंगों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। इसके साथ ही राज मोहम्मद को भी बुलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि राज मोहम्मद की तीन पसली टूटी हैं उनकी हालत काफी गंभीर है। मामला सुर्खियों में आने के बाद जिला अस्पताल से मेडिकल कराने के लिए अब पुलिस जाग गई है। इधर पुलिस कमिश्नर के द्वारा मामले में थाना पुलिस पर लगे आरोपों की जांच कराई गई तो उसमें इंस्पेक्टर की प्रथम दृष्टया आरोपियों के साथ मिलीभगत पाई गई है, जिसके बाद इंस्पेक्टर पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
आखिर हो क्या गया है पुलिस को?
आखिर कमिश्नरेट की पुलिस को हो क्या गया है? पिछले कुछ दिनों में पुलिस की कार्यशैली की वजह से उसकी छवि काफी खराब हो रही है। हाल ही में शाहगंज में कुछ लोगों को तीन दिन तक हवालात में बंद रखा गया। कुछ लोगों से उनकी पिटाई कराई गई और उसके बाद एनकाउंटर की धमकी देकर बैनामा करा दिया गया। मामले में पुलिस कमिश्नर ने इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया है। जगदीशपुरा में एक छेड़छाड़ पीड़िता ने कार्यवाही नहीं होने को लेकर आत्महत्या कर ली। मामले में दरोगा को लाइन हाजिर किया गया। इसके साथ ही दूसरी ओर कई थानों में भ्रष्टाचार भी जमकर हो रहा है। कई पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं। फिर भी कोई सुधार नहीं हो रहा। इधर ट्रांस यमुना में घायल की मदद करने की जगह आरोपियों की मदद कर दी गई। आखिर अधिकारी थाना पुलिस पर अंकुश लगाने में क्यों फेल हो रहे हैं? यह सवाल खड़े हो रहे हैं।











