आगरा। महिला कल्याण व बाल विकास पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े दो महत्वपूर्ण लंबित प्रकरणों को तथ्यात्मक रूप से उठाते हुए उनके समाधान की मांग रखी।
मुख्यमंत्री को दिए गए प्रत्यावेदन में वर्ष 2009-10 में इनर रिंग मार्ग योजना के अंतर्गत अधिग्रहित भूमि का मुद्दा रखा गया। अवगत कराया गया कि कई स्थानों पर अब तक मार्ग निर्माण नहीं हो सका है, जबकि मार्ग की दिशा में परिवर्तन भी किया गया है। इससे अधिग्रहित भूमि उपयोग में नहीं आ रही और प्रभावित किसानों को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप मुआवजा भी प्राप्त नहीं हुआ है। इस संबंध में मांग की गई कि या तो अधिग्रहण समाप्त कर भूमि वापस की जाए नहीं तो वर्तमान दरों के अनुसार चार गुना मुआवजा प्रदान किया जाए। ग्वालियर मार्ग पर सेवला सराय से ककुआ नहर तक स्थायी रूप से बने रहने वाले जलभराव की समस्या को प्रमुखता से रखा गया। बताया गया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से आवागमन प्रभावित होता है और समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इसके समाधान को प्रस्तावित जल निकासी नाला निर्माण कार्य को प्रारंभिक प्राक्कलन के प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री ने दोनों विषयों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने तथा प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में प्रतिनिधि यशपाल राणा, श्याम सिंह चाहर, राजकुमार, गौरव प्रधान, अशोक कुमार, सुनील कुमार मौजूद रहे।











