कानपुर। कानपुर हिंसा में यूपी के सीएम योगी आदित्यानाथ ऐक्शन मोड पर हैं। शहर में होने वाली हर एक गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने एक तरफ एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा को हालात पर काबू पाने के लिए भेजा है तो दूसरी तरफ एडीजी एटीएस नवीन अरोड़ा को भी मोर्चा संभालने के लिए भेज दिया गया है। हिंसा का मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी के साथ ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनके संबंध राजनीतिक पाटियों से हैं। कानपुर हिंसा ने बवाल के साथ ही अब राजनीतिक रंग ले लिया है। जहां बीजेपी ने पार्टी से प्रवक्ता नुपुर शर्मा को सस्पेंड कर दिया है तो वहीं योगी सरकार आरोपियों को छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही है। पुलिस ने अब हिंसा में नामजद 36 आरोपियों की लिस्ट जारी की है।
कानपुर में बीते शुक्रवार को वीआईपी मूवमेंट था। कानपुर और उसके आसपास की फोर्स वीआईपी मूवमेंट में लगी थी। वहीं, अराजक तत्व शहर का माहौल खराब करने की साजिश रच रहे थे। इस साजिश में शामिल आरोपी किसी न किसी राजनीतिक पार्टी से संबंध रखते हैं। इसका खुलासा आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट से हुआ है। कानपुर हिंसा का मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी का कांग्रेस से तो वहीं उसका करीबी निजाम कुरैशी एसपी से संबंध रखता है। मास्टरमाइंड का करीबी जावेद खान एआईएमआईएम का जिलाध्यक्ष रह चुका है। इसके साथ ही निर्दलीय लोकसभा चुनाव भी लड़ चुका है।
कानपुर हिंसा के आरोपी निजाम कुरैशी के भी राजनीतिक संबंध हैं। निजाम कुरैशी एसपी का नगर सचिव था। इसके साथ ही आल इंडिया जमीअतुल कुरैशी ऐक्शन कमेटी का जिला अध्यक्ष है। यतीमखाना बवाल में नाम आने के बाद एसपी नगर अध्यक्ष डॉ. इमरान ने पार्टी से बाहर करने के बात कही है। जानकारी के मुताबिक, निजाम कुरैशी की एसपी समेत मुस्लिम समुदाय के बीच अच्छी पकड़ है।











