आगरा। ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध शराब पकड़ी है। यह धान के भूसे के नीचे छिपी हुई थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा है। पूछताछ में पता चला यह पंजाब से झारखंड भेजी जा रही थी। इसकी कीमत 50 लाख रुपये है। कैंटर से 325 और ब्रेजा कार से 25 पेटी शराब मिली हैं।
पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि एक कैंटर और एक कार के जरिए भारी मात्रा में अवैध शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर ट्रांस यमुना पुलिस ने घेराबंदी कर वाहनों को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान कैंटर से 325 पेटी और ब्रेजा कार से 25 पेटी शराब बरामद हुई। शराब की पेटियों को छिपाने के लिए उन पर धान की भूसी के बोरे रखे गए थे, ताकि पुलिस और अन्य एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बरामद शराब पंजाब में निर्मित थी और उसे हरियाणा के सोनीपत से झारखंड भेजा जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि यह पूरी खेप शराब कारोबारी भूपेंद्र दहिया के निर्देश पर भेजी जा रही थी। वहीं दीपक नामक व्यक्ति पूरे नेटवर्क का संचालन और निगरानी कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बभूतराम निवासी बाड़मेर (राजस्थान), अनिल कुमार निवासी पानीपत (हरियाणा) और जगदीप निवासी पानीपत (हरियाणा) के रूप में हुई है। बभूतराम कैंटर चालक बताया गया है, जबकि अन्य आरोपी सप्लाई चेन और समन्वय का काम देख रहे थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तस्कर रास्ते भर मोबाइल कॉल और चैटिंग के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे। नेटवर्क से जुड़े लोग शराब की खेप की लोकेशन और पुलिस गतिविधियों की जानकारी लगातार साझा करते थे, ताकि माल सुरक्षित गंतव्य तक पहुंच सके। अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह पंजाब से शराब लाकर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से सप्लाई करता था। बरामद शराब, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी भूपेंद्र दहिया और दीपक निवासी खरखौदा, सोनीपत के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।











