आगरा। साल के पहले दिन ठिठुरन वाली सर्दी और रिमझिम वाली बारिश में 65 हजार लोगों ने ताजमहल का दीदार किया। दिनभर में टिकट लेकर 42 हजार 363 पर्यटकों ने ताजमहल निहारा। इसमें निःशुल्क प्रवेश पाने वाले 15 वर्ष तक के बच्चों को जोड़ लें तो दिनभर में 65 हजार से अधिक पर्यटक आए। आगरा किला समेत अन्य स्मारकों में भी पर्यटक उमड़े। ताज नेचर वाक, सूर सरोवर पक्षी विहार, शाहजहां गार्डन में भी भी बड़ी संख्या में प्रकृतिप्रेमी पहुंचे।
ताजमहल पर क्रिसमस की छुट्टी से पर्यटक उमड़ने शुरू हो गए थे। वर्ष 2025 के अंतिम दिन 31 दिसंबर को उम्मीद के विपरीत पर्यटकों की संख्या में गिरावट देखने को मिली थी। बीते चार वर्षों में सबसे कम 27 हजार 187 पर्यटक ही ताजमहल देखने आए थे। नए साल का पहला दिन पर्यटन कारोबार के लिए नई उम्मीदें लेकर आया। सुबह से ही ताजमहल देखने पर्यटक उमड़े। पूर्वी व पश्चिमी गेट पर पर्यटकों का दबाव देखने को मिला। सुबह 11 बजे के बाद तो पश्चिमी गेट स्थित टिकट विंडो पर टिकट, टर्न स्टाइल गेट पर टिकट स्कैनिंग और डोर फ्रेम मैटल डिटेक्टर पर सुरक्षा जांच को लंबा इंतजार करना पड़ा। इसके चलते लाइनें लग गईं। पुलिस ने व्यवस्था बनाने को नीम तिराहा से ही लाइन लगवाकर पर्यटकों को गुजारा। दोपहर एक बजे के बाद पूर्वी गेट पर भी भीड़ का दबाव देखने को मिला। यहां भी लाइन लगी। ताजमहल के अंदर रायल गेट, सेंट्रल टैंक और मुख्य मकबरे पर ऊपर जाने को चमेली फर्श पर लाइन लगी। पर्यटकों को आधा से एक घंटा तक लाइन में लगना पड़ा। ताजमहल में भीड़ के दबाव में कई पर्यटक व बच्चे अपने परिवार से बिछड़ गए। बंगाल से आए विवेकानंद सिन्हा पूर्वी गेट पर भीड़ अधिक होने से अपने साथियों से बिछड़ गए। वह दक्षिणी गेट से बाहर निकल आए, जबकि उनके साथी पूर्वी गेट से बाहर निकले। साथियों ने उनके बिछड़ने की सूचना पर्यटन पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें ढूंढ़कर साथियों से मिलाया।











