-DLA ब्यूरो-
आगरा। सिकंदरा क्षेत्र में क्रास रोड माल के सामने 50 करोड रुपए की जमीन पर पुलिस की मिलीभगत से कब्जा होने का एक पीड़ित ने आरोप लगाया है। आरोप है कि जब कब्जा हो रहा था उस दौरान पीड़ित इंस्पेक्टर सिकंदरा नीरज शर्मा के पास गया। इंस्पेक्टर ने उसकी कोई सुनवाई नहीं की। वह पांच घंटे तक उसे अपने पास ही बैठाए रहे। उधर उसकी जमीन पर कब्जा होता रहा। पीड़ित ने इंस्पेक्टर के खूब हाथ पैर जोड़े, गिड़गिड़ाया लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की।
बोदला के रहने वाले अवधेश अग्रवाल ने प्रेस नोट जारी करके कहा है कि भाजपा की जिला कार्यकारिणी के नेता और उसके भाई के द्वारा अन्य साथियों और पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। कब्जा कराने में आगरा पुलिस संलिप्त है। 28 सितंबर को सुबह 5:00 से कब्जा होना शुरू हुआ। 200 से 250 लोग हथियारों के साथ मौजूद थे। जब वह उनको रोकने गए और बैनामा दिखाया तो बैनामा की मूल प्रति उनसे छीन ली। इसके बाद वह इंस्पेक्टर सिकंदरा नीरज शर्मा के पास गए तो उन्होंने उन्हें पांच घंटे थाने पर बैठाए रखा और उधर कब्जा होता रहा। वह लगातार उनके हाथ जोड़कर उनसे प्रार्थना करते रहे कि मेरी मदद करो, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की। अधिकारियों से उन्होंने शिकायत की तो अधिकारियों ने भी कोई सुनवाई नहीं की। 11 अक्टूबर को बड़ी मुश्किल से मुकदमा दर्ज हुआ। जब तक जमीन पर कब्जा हो चुका था और उसके आगे गेट लगाकर भाजपा नेता उसके भाई का नाम लिख दिया गया। आरोप है कि वह एक पुलिस अधिकारी से मिले तो उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कार्रवाई करेंगे। जमीन कुर्क करेंगे, लेकिन बाद में वह मुकर गए और कहने लगे ऊपर से फोन आया है। मैं इसमें कुछ नहीं कर पाऊंगा। पीड़ित का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी उनकी जमीन पर कब्जा होता रहा है। आरोपियों के द्वारा उन्हें धमकी दी जा रही है।
दूसरे पक्ष के द्वारा भी पत्रकार वार्ता कर अपना पक्ष रखा गया है। आनंद कुमार ने बताया कि अवधेश कुमार, अजय कुमार द्वारा पुलिस प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है।
पूर्व में जगदीशपुरा थाना क्षेत्र में करीब 40 करोड रुपए की जमीन पर क़ब्ज़े का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ कि अब सिकंदरा वाला मामला सुर्खियों में आ गया है। ताजगंज के एकता चौकी क्षेत्र में भी एक जमीन का मामला सुर्खियों में छाया हुआ है।











