आगरा। मथुरा के कटरा केशवदेव मंदिर के भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह आगरा की जामा मस्जिद की सीढ़ियों में दबे होने से संबंधित वाद में सोमवार को लघु वाद न्यायालय में सुनवाई हुई। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट में पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के वाद में पारित अंतरिम आदेश का हवाला देकर सुनवाई स्थगित करने को प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय में अब अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।
योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट के वाद भगवान श्रीकृष्ण लला विराजमान आदि बनाम उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि संरक्षित सेवा ट्रस्ट आदि बनाम उप्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड आदि वाद में श्रीकृष्ण के विग्रह के जामा मस्जिद की सीढ़ियों में दबे होने का दावा किया गया है। दोनों वाद लघु वाद न्यायालय एक साथ सुन रहा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संरक्षित सेवा ट्रस्ट कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर से संबद्ध है। ट्रस्ट के अधिवक्ता विनोद शुक्ला ने बताया कि मामले में अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।
योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट के अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि आगरा की जामा मस्जिद वर्ष 1920 से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन संरक्षित स्मारक है। उसमें पूजा स्थल अधिनियम, 1991 लागू नहीं होता है। सुप्रीम कोर्ट में पूजा स्थल अधिनियम, 1991 की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होनी है। इससे पूर्व वह सुप्रीम कोर्ट में इंटरवेंशन एप्लीकेशन दाखिल करेंगे।











