आगरा। हरीपर्वत थाने में शिकायत करनी पहुंचे एनएसयूआई पदाधिकारियों पर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने हमला बोल दिया। दूसरे पक्ष ने भी मारपीट शुरू कर दी। दोनों पक्षों का झगड़ा होता देख पुलिसकर्मियों और फरियादियों के बीच भगदड़ मच गई। पुलिसकर्मियों से भी धक्का मुक्की की गई। देर रात एसएसआई की तहरीर पर विद्यार्थी परिषद और एनएसयूआई के अज्ञात 15-15 कार्यकर्ताओं पर 147, 332, 323, 504, 506, 7 सीएल जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस के पास साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी फुटेज भी है, जिसके आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी करने की बात पुलिस कर रही है।
पिछले कई दिनों से विश्वविद्यालय गुंडागर्दी का अड्डा बन गया है। 24 जनवरी को विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों के बीच भी विवाद हुआ था। दो वीडियो वायरल हुए थे। एक वीडियो में विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता घायल दिखाई दे रहा था। कर्मचारी बोल रहे थे इस बैठा लीजिए पुलिस के सुपुर्द करेंगे। दूसरे वीडियो में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कर्मचारी आशीष को लाठी डंडे से पुलिस के सामने ही पीटा था। पुलिसकर्मियों ने बचाने की कोशिश की तो उनसे भी हाथापाई कर दी गई थी। इधर पुलिस ने विद्यार्थी परिषद की तहरीर पर कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। कर्मचारियों का आरोप था कि उनकी तहरीर पर दबाव के चलते मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। जबकि कर्मचारी को भी गंभीर चोटे आई थीं। इधर शुक्रवार को खंदारी परिषद में विद्यार्थी परिषद और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच में किसी बात को लेकर मारपीट हुई। इसमें दो छात्र घायल हुए हैं जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। शिक्षकों ने बताया कि कार्यकर्ताओं के हाथ में लाठी डंडे थे। झगड़ा होने को दौरान दाऊ दयाल संस्थान में भगदड़ मच गई। कई छात्रों ने क्लासरूम और बाथरूम में छिपकर अपनी जान बचाई। इधर झगड़े में एनएसयूआई के एक पदाधिकारी के सिर में भी चोट आई। वह शिकायत करने के लिए अपने साथियों के साथ थाना हरीपर्वत में पहुंचे थे। आरोप है कि यहां विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता आ गए और पुलिस के सामने ही उन्हें पीटना शुरू कर दिया। पूरा मामला सीसीटीवी कैमरे में कैद है। मामले में दरोगा राजकुमार ने मुकदमा दर्ज कराया है मुकदमे में कहा गया है कि वह थाने में जनसुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान एनएसयूआई छात्र संगठन के 15-20 छात्र थाना पर आए। वह उनकी बात सुन रहे थे। इसी दौरान विद्यार्थी परिषद के 10 से 15 छात्र भी थाने पर आ गए और दोनों पक्ष एक दूसरे से गाली गलौज करते हुए मारपीट करने लगे। इनके द्वारा बीच बचाव करने वाले पुलिस कर्मियों के साथ भी धक्का मुक्की की गई। इससे थाने में हो रही जनसुनवाई और अन्य सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई। जनता के व्यक्तियों के बीच में भी अफरा तफरी मच गई। थाने के व्हाट्सएप ग्रुप पर तत्काल पूरा फोर्स एकत्रित करने के लिए मैसेज कराया गया। इसके बाद दोनों ही पक्ष भाग गए। उधर न्यू आगरा थाने में छात्र अनिल की तहरीर पर सतीश सिकरवार, राजन ठाकुर, कुलदीप दीक्षित, मुकुल यादव, अभिषेक चौधरी, शिव प्रताप, मोहित गौतम, आलोक गौतम, आकाश, धर्मेंद्र बघेल, ऋषि सिसोदिया सहित सात-आठ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मारपीट और जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ है। अनिल का कहना है कि इन सभी लोगों ने उसके साथ में मारपीट की है। मेरे मित्र मोहित और आशीष को भी डंडे से पीटा है। तमंचे से हवाई फायर भी किया है।











