आगरा। एक अधिवक्ता ने डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलसचिव आईएएस राजेश यादव के खिलाफ कार्रवाई को कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि जब वह कुलसचिव से विश्वविद्यालय में मिलने गया था तो कुलसचिव ने उनसे कहा था- टोपादास तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई, एक आईएएस अधिकारी के सामने बोलने की। बाहर निकल जाओ नहीं तो धक्के मरवाकर निकलवाना पड़ेगा। अधिवक्ता ने कुलसचिव पर मानहानि के साथ लोक सेवक के रूप में सही तरीके से कार्य नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई को याचिका डाली है।
अधिवक्ता कृष्ण गोपाल हाई कोर्ट में वकालत करते हैं। उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां एक याचिका डाली है। इसमें उन्होंने कहा है कि तीन फरवरी 2025 को शाम करीब 4:30 बजे वह कुलसचिव के कार्यालय में लोकमणि शर्मा महाविद्यालय के द्वारा कूटरचित तरीके से मान्यता लेने के संबंध में हुई शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है यह जानकारी करने आए थे। अधिवक्ता की माता का देहांत हो जाने के कारण सिर के बालों का मुंडन होने के चलते उन्होंने सिर पर टोपा पहन रखा था। जब वह कुलसचिव राजेश कुमार यादव के समक्ष प्रस्तुत हुए और उक्त प्रकरण के बारे में पूछा तो आरोप है कि उन्होंने कहा कि टोपादास तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई, एक आईएएस अधिकारी के सामने बोलने की। बाहर निकल जाओ नहीं तो धक्के मरवाकर निकलवाना पड़ेगा। यह सुनकर अधिवक्ता काफी डर गया और बाहर निकल आया। अधिवक्ता का कहना है राजेश कुमार द्वारा जिन शब्दों का प्रयोग किया गया है उससे उन्हें काफी मानसिक पीड़ा हुई है। राजेश कुमार के द्वारा जानबूझकर उनके अनुस्मारक पत्र को वापस कर विधि द्वारा दिए गए निर्देशों को अनदेखा कर उनकी अवहेलना की गई है। न्यायालय में उन्हें दंडित करने की गुहार लगाई गई है। मामले में 29 अप्रैल को सुनवाई होगी।











