लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के सीएम बनते ही सरकार ऐक्शन में आ गई है। लापरवाह और भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ योगी सरकार एक-एक कर कार्रवाई कर रही है। वहीं, कई बार देखने में आया है कि भाजपा नेताओं और संघ पदाधिकारियों की शिकायत के बाद भी अफसर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं, लेकिन इस बार जिस तरह से योगी सरकार ने लापरवाह और भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई शुरू की है, उससे साफ है कि इन अफसरों पर शिकायत नहीं सुनने पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
योगी सरकार ने खनन और निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार व विधानसभा चुनाव के दौरान लापरवाही के आरोपों में सोनभद्र के जिलाधिकारी टीके शिबू को निलंबित कर दिया है। आरोपों की जांच वाराणसी मंडलायुक्त को सौंपी गई है। वहीं, गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को भी निलंबित कर दिया। प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोनभद्र के जिलाधिकारी टीके शिबू को ड्यूटी के दौरान अनियमितताओं के आरोप में निलंबित किया गया है। वहीं, गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पवन कुमार को भी कर्तव्यों के निर्वहन में ढिलाई और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखने में असमर्थ पाते हुए निलंबित किया गया है।
अफसरशाही पर भाजपा नेता कई बार सवाल उठा चुके हैं। नेताओं का कहना है कि शिकायत के बाद भी अफसर कोई ऐक्शन नहीं लेते हैं, जिससे बड़ी घटना होती है। वहीं, जब इनसे कोई शिकायत करता है तो ये अफसर उसको टाल देते हैं। भाजपा नेताओं ने योगी आदित्यनाथ से कई दफा शिकायत भी की है। वहीं, योगी आदित्यनाथ अफसरों को चेतावनी दे चुके हैं कि लापरवाह और भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ कार्रवाई में कोई संकोच नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर अफसर भाजपा नेताओं पर बेवजह दबाव बनाने का आरोप लगाते रहे हैं। कई बार अफसरों को ये कहते देखा गया है कि भाजपा नेता उन पर जबरदस्ती का दबाव बनाते हैं।











