ऋषि चौहान
एटा। भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के संसदीय चुनाव की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक तमाम प्रतीकों को लेकर तैयारियां की जा रही हैं ताकि मतदाताओं को लुभाया जा सके और आने वाले 2024 के चुनाव में जीत सुनिश्चित की जा सके।
फर्रुखाबाद के भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर फर्रुखाबाद जिले का नाम पांचाल नगर किए जाने की मांग की है। सांसद ने पत्र में कहा है कि 308 साल पहले मुगल शासक फर्रूखसियर ने भारतीय संस्कृति से खिलवाड़ करके इस ऐतिहासिक जनपद का नाम अपने नाम पर फर्रुखाबाद रख दिया था। सांसद मुकेश राजपूत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पत्र में आग्रह किया है कि संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए फर्रुखाबाद का नाम बदलकर पांचाल नगर कर दिया जाए। भाजपा सांसद ने पत्र में लिखा है कि फर्रुखाबाद का इतिहास बहुत ही प्राचीन है। फर्रुखाबाद तीन नदियों के सानिध्य में बसा है गंगा, राम गंगा और काली नदी। इन तीन नदियों के बीच बसा यह ऐतिहासिक स्थल बहुत ही पवित्र है। इतिहास गवाह है कि कभी यह पांचाल क्षेत्र कहलाता था। कभी यह शहर पांचाल क्षेत्र की राजधानी हुआ करता था। इसीलिए इसका नाम पांचाल नगर किया जाए। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में भाजपा सांसद ने कहां है कि संकिसा कंपिल श्रंगी ऋषि शमशाबाद प्रसिद्ध थे। राजा द्रुपद की राजकुमारी का कंपिल में ही स्वर्गवास हुआ था। राजा द्रुपद की सेना इसी शहर में छावनी बना कर रहा करती थी। यहां आज भी दो बड़े रेजिमेंट हैं। एक राजपूत रेजीमेंट दूसरा सप्लाई रेजीमेंट। जैन धर्म के दृष्टिकोण से भी यह ऐतिहासिक स्थल है। कंपिल में जैन धर्म के 13वे तीर्थंकर भगवान विमलनाथ के चारों कल्याण गर्व जन्म और दीक्षा और ज्ञान भी यहीं हुए थे। इसीलिए कंपिल अपने आप में ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है। काशी की तरह यहां भी गली-गली शिवालय बने हुए हैं। फर्रुखाबाद के सीमावर्ती संकिसा में भगवान बुद्ध का स्वर्गावतरण हुआ था। संकिसा में श्रीलंका कंबोडिया थाईलैंड जापान बर्मा आदि कई देशों के बड़े-बड़े बौद्ध विहार बने हुए हैं। इन तीर्थ स्थलों पर देश विदेश के लोगों का आवागमन रहता है। काशी की तरह यहां भी गली गली में शिवालय होने के कारण इस नगर को दूसरा काशी के नाम से भी जाना जाता है।
यही नहीं कलयुग के हनुमान कहे जाने वाले बाबा नींब करोरी महाराज जी तपोस्थली नींब करोरी धाम भी इसी जनपद में स्थित है, उन्हीं के नाम पर यहां एक रेलवे स्टेशन भी है। इसीलिए फर्रुखाबाद का नाम पांचाल नगर किया जाना न्यायोचित है।
वस्तुतः फर्रुखाबाद लोकसभा क्षेत्र एटा जिले के अलीगंज विधानसभा से जुड़ी है। लोधी राजपूत जाति के मुकेश राजपूत को फर्रुखाबाद से टिकट दिलाने का श्रेय हिंदुत्व के पुरोधा कल्याण सिंह को है। चुनाव सिर पर है ऐसे में भाजपा सांसद मुकेश राजपूत धार्मिक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रतीकों के माध्यम से अपनी छवि बनाने की फिराक में हैं।











