आगरा। आगरा की रहने वाली दो बहनों के धर्मांतरण के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। वह फिरोजाबाद का रहने वाला है। वह महेंद्र पाल सिंह से अब्दुल रहमान बना है। उम्र कैद काट रहे कलीम सिद्दीकी के गैंग को उसने संभाला था। पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है।
शनिवार को डीजीपी ने धर्मांतरण करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया था। आगरा पुलिस के द्वारा 6 राज्यों से 10 आरोपी पकड़े गए थे। पुलिस ने दोनों सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को दिल्ली के मुस्तफाबाद से गिरफ्तार किया है। वह गोवा की आयशा को धर्मांतरण के लिए फंड मुहैया कराता था। अब्दुल रहमान ही सामूहिक धर्मांतरण के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे मौलाना कलीम सिद्दीकी के गिरोह को मुख्य रूप से संचालित कर रहा था। पुलिस की दबिश में आरोपी के घर से रोहतक की युवती भी बरामद हुई। उसे भी धर्मांतरण के लिए लाए जाने की आशंका है। आरोपी के ठिकाने से मुस्लिम साहित्य के साथ ही धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने वाली पुस्तकें भी मिली हैं। पुलिस की पकड़ में आए अब्दुल रहमान ने भी अपना धर्म परिवर्तन किया था। वह मूलरूप से फिरोजाबाद के रजावली स्थित रामगढ़ का रहने वाला है। उसका असली नाम महेंद्र पाल जादौन है। उसका जन्म 1973 में हुआ था। उसने पहले ईसाई धर्म अपनाया था। 1990 में मुस्लिम धर्म अपना लिया। वह दिल्ली में जाकर बस गया और मजदूरी करने लगा था। तब उसकी मुलाकात मुजफ्फरनगर के कलीम सिद्दीकी से हुई थी। वह उसके लिए काम करने लगा और धर्मांतरण कराने लगा।
ये था मामला
अवैध धर्मांतरण गिरोह का नेटवर्क छह राज्यों उत्तर प्रदेश, बंगाल, उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली और गोआ में फैला हुआ है। संगठित गिरोह के हर सदस्य को किरदार दे रखे थे। कोई धर्मांतरण के लिए ब्रेन वाश करता था तो कोई फंडिंग का प्रबंधन कर रहा था। इनके लिए कनाडा, अमेरिका, लंदन और दुबई से फंडिंग होती थी। कुछ ठहराने की व्यवस्था करते थे तो कुछ सिम और मोबाइल आदि की व्यवस्था करते थे।











