आगरा। उटंगन नदी में मूर्ति विसर्जन करने के लिए गए डूबने वाले 13 लोगों में से सात लोगों का शुक्रवार रात 9:00 बजे तक कोई सुराग नहीं लगा है। सेना उन्हें खोजने का दोपहर से प्रयास कर रही है, लेकिन रात तक सफलता हाथ नहीं लगी थी। मौके पर आगरा के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह के साथ एटा के पूर्व सांसद राजवीर सिंह भी मौजूद हैं। पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी भी सुबह से मौके पर ही मौजूद हैं। इधर जिन लोगों के शव मिले हैं उनका पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया गया। सभी की आंखें नम थीं। सात लोगों का सुराग नहीं मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। घरों में चूल्हे नहीं जल रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया ने नदी में जेसीबी से गहरे गड्ढे कर दिए हैं जिस वजह से डूबने वालों को पता नहीं चला यहां पानी कितना गहरा है। वह पुलिस पर खनन कराने का आरोप लगा रहे हैं।
कुशियापुर गांव के लोग गुरुवार दोपहर देवी मूर्तियों को विसर्जन के लिए डूंगरवाला गांव के पास लेकर आए थे। विसर्जन के दौरान 13 लोग उटंगन नदी में डूब गए थे। हादसे में तीन युवकों की मृत्यु हो गई थी। वहीं एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। अन्य का सुराग नहीं लगने पर गुस्साए लोगों ने शुक्रवार सुबह ऊंटगिरि व कागारौल चौराहे पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम की गाड़ी पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया, जिससे गाड़ी का शीशा टूट गया। एनडीआरएफ की टीम ने दो और शव निकाले। दोपहर से बचे हुए सात लोगों को खोजने के प्रयास जारी हैं। सेना को भी बुलाया गया है। स्टीमर से लगातार जवान लोगों को खोजने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार भी लगातार लोगों के बीच में बने रहकर उन्हें सान्त्वना दे रहे हैं। इधर दोपहर बाद आगरा के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उसके बाद पूर्व सांसद राजवीर सिंह भी पहुंचे। उन दोनों के आने से पहले सांसद राजकुमार चाहर, विधायक चौधरी बाबूलाल, विधायक भगवान सिंह कुशवाहा, जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनिया सुबह से वहां डटे हुए थे। रात में 8:00 बजे मृतक मिले पांच लोगों का अंतिम संस्कार भी कराया गया। इस दौरान भारी संख्या में क्षेत्र के लोग मौजूद रहे। सभी की आंखों में से आंसू टपक रहे थे। जुबान पर बस एक ही बात थी अगर खनन माफिया यहां खनन नहीं करते तो यह लोग जिंदा होते।











