आगरा। कमलानगर थाने के द्वारा सट्टे की एफआईआर में मास्टरमाइंड को बचाने के लिए गोलमोल नामजदगी और विवेचना में झोल किए जाने का मामला सुर्खियों में आने के बाद पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार थाने की कार्यशैली पर काफी नाराज हुए हैं। उन्होंने थानाध्यक्ष योगेश नागर की कड़ी फटकार लगाई है। थानाध्यक्ष से कहा गया है कि तुम यह क्या गोलमाल कर रहे हो। उन्हें चार्ज से भी हटाया जा सकता है। इसके साथ ही विवेचना को क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दिया गया है।
दिसंबर 2025 को पुलिस ने लोहिया नगर में एक घर में दबिश दी थी। शिवम और भारत कुमार को मौके से गिरफ्तार दिखाया गया था। चौकी प्रभारी बल्केश्वर अमित कुमार ने अपनी तरफ से मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमे में प्रवीन उर्फ हप्पू और अनूप कमला नगर को वांछित दिखाया। इलाके में दिल्ली का सट्टा अनूप अग्रवाल कराता है। वही मास्टर माइंड बताया जाता है। पुलिस को अच्छे से पता भी था। फिर भी एफआईआर में अनूप अग्रवाल का नाम पूरा नहीं खोला गया। जबकि मौके से दो लोग पकड़े गए थे। वह पुलिस के ही साथ थे और करीब 12 से 15 घंटे पुलिस के साथ रहे। फिर भी पुलिस उनसे पूरे नाम, पते जानकारी कर एफआईआर में दर्ज नहीं कर सकी। चर्चा है कि गोलमोल नाम दर्ज करने के लिए ही बड़ी डील हुई थी। डौकी थाने में तैनात एक सिपाही ने यह डील कराई थी। इधर थाना पुलिस अपने ही जाल में उल्टा और फंस गई है क्योंकि 16 दिसंबर को यानी कि मुकदमा दर्ज होने के 11 दिन बाद मुखबिर के माध्यम से अनूप कश्यप का नाम पर्चे में खोला जा रहा है। अनूप कश्यप के द्वारा अग्रिम जमानत भी करा ली गई है। जब पुलिस की गिरफ्त में दो लोग थे तो उनसे पूछकर फरार दोनों लोगों के पूरे नाम क्यों नहीं लिखे? अनूप का नाम अधूरा क्यों लिखा गया? फरार लोगों को गिरफ्तार करने के प्रयास क्यों नहीं किए गए? इधर पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार छुट्टी पर थे। शनिवार शाम को वह छुट्टी से वापस आए हैं। आते ही उन्होंने सबसे पहले इस मामले की जानकारी की। वह चंद सेकंड में पूरे खेल को समझ गए। इसके बाद थानाध्यक्ष योगेश नागर पर वह विफर पड़े। उन्होंने तत्काल प्रभाव से विवेचना को क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने थानाध्यक्ष और विवेचक पर कार्रवाई की बात कही है। पुलिस कमिश्नर के संज्ञान में यह भी आ गया है कि मथुरा में दरोगा योगेश नागर ने क्या-क्या कांड किए थे। वह समझ गए हैं यह दरोगा किसी दिन कोई बड़ा कांड करके पुलिस की छवि खराब कर सकता है।
मैं छुट्टी पर गया था। छुट्टी से आते ही इस मामले की जानकारी ली। तत्काल प्रभाव से विवेचना को क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच एसीपी को दी गई है। मामले में थानाध्यक्ष योगेश नागर पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्हें चार्ज से हटाया जा रहा है। कानून के साथ किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
दीपक कुमार ,पुलिस कमिश्नर आगरा

मैं छुट्टी पर गया था। छुट्टी से आते ही इस मामले की जानकारी ली। तत्काल प्रभाव से विवेचना को क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच एसीपी को दी गई है। मामले में थानाध्यक्ष योगेश नागर पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्हें चार्ज से हटाया जा रहा है। कानून के साथ किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। 









