नई दिल्ली। एक धार्मिक जुलूस के दौरान हुई हिंसा के बाद जहांगीरपुरी में आज भी अजीब से शांति पसरी है। इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात है। बाजार खुले हैं, लेकिन ज्यादातर लोग घरों में ही कैद हैं। दिल्ली पुलिस ने कल हिंसा की जांच तेज की। 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया। दो नाबालिग भी पकड़े गए हैं। कल गृह मंत्रालय ने इलाके में शांति कायम करने के लिए सीआरपीएफ और आरएएफ की पांच कंपनियां और भेजीं। दिल्ली पुलिस ने इलाके की अमन समितियों के साथ बैठक करके दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने को कहा। आरोप है कि मुख्य आरोपी अंसार और उसके साथियों ने धार्मिक जुलूस निकाल रहे लोगों से बहस की। इसके बाद बात बढ़ी तो पथराव हो गया। उपद्रवियों ने गोलियां भी चलाईं। हालात बिगड़ने पर पुलिस को 40 से 50 आंसू गैस के गोले चलाकर भीड़ को खदेड़ना पड़ा। करीब एक घंटे के बीच भीड़ ने जमकर हिंसा की। इसमें 8 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। हिंसा की जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई है।
इस बीच आज दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने बताया कि करीब सवा 6 बजे जुलूस के पिछले हिस्से में उपद्रव हुआ। पुलिस का बंदोबस्त जुलूस के साथ था। पथराव में 9 लोग घायल हुए हैं, जिसमें 8 पुलिसकर्मी हैं। ये साबित करता है कि पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया और उन्हें दूर किया। जिसके कारण लोग घायल नहीं हुए है। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 8 लोग पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल हो चुके हैं। सीसीटीवी और दूसरे सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है। तीन हथियार मिले हैं। ये केस क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। टीम घटनास्थल का दौरा कर सबूत एकत्र कर रही है। कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल आरोपियों को छोड़ा नहीं जाएगा। जो भी शामिल हैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्राइम ब्रांच ने 14 टीमें बनाई हैं। कल से ये सभी टीमें एक्टिव हो गई है। सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ लोग प्रयास कर रहे हैं कि वातावरण को बिगाड़ा जाए। हमारे यहां सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। अगर जरूरत पड़ी तो जो लोग गलत सूचना दे रहे हैं, तो उनके खिलाफ भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनता से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें।











