आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर की 131 वीं जयंती पर आज सुबह से जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। झांकियां भी निकाली जा रही हैं। झांकियों में महंगाई डायन, रूस यूक्रेन युद्ध जैसे विषय शामिल किए गए हैं।
डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के जुबली हॉल में सेमिनार का आयोजन हुआ। प्रति कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा ने कहा कि भीमराव आम्बेडकर बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे, उन्होंने अपने विचारों से लोगों को सशक्त बनाया। बुद्धि का विकास मानव के लिए सशक्त अस्त्र होना चाहिए। देश के विकास से पहले अपनी बुद्धि के विकास की आवश्यकता है, उन्होंने पुरुष के साथ महिलाओं के भी विकास की आवश्यकता पर भी जोर दिया। विशिष्ट अतिथि विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संयोजक राजेश खुराना ने सभी से आंबेडकर के पद चिन्हों पर चलने की बात कही।
कुलसचिव संजीव कुमार सिंह ने कहा भीमराव आंबेडकर की सोच सबके प्रति समान थी। संविधान में सभी को समानता प्रदान की गई है। भीमराव आम्बेडकर ने विश्व के अच्छे से अच्छे विचारों को अपने संविधान में रखा, उन्होंने कहा कि अंबेडकर बुद्ध से प्रेरित थे। वे मानते थे कि आज समाज में एकता तभी आ सकती है जब सभी के प्रति प्रेम और बंधुत्व का भाव रखा जाए और सहायता की जाए। प्रोफेसर संजय चौधरी ने कहा कि बाबा साहब का पढ़ाई के प्रति बहुत रुझान था। वे सभी को पढ़ने के लिए सदैव प्रेरित करते थे।दिल्ली विश्वविद्यालय डॉ. कपिल ने कहा कि मानव जाति के सभी लोग तर्क कर सकते हैं प्रश्न कर सकते हैं। दयालबाग शिक्षण संस्थान के संजीव कुमार ने कहा आज सकारात्मकता का समय है। आज हमें सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। अरविंद टाइटलर ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर आयोजक डॉ. आनंद टाइटलर, मनोज कुमारी, राजकुमार सिंह, अजय गौतम, पवन कुमार, बृजेश कुमार, अरविंद गुप्ता, शिव सिंह, सुमित चौधरी, अनिल श्रीवास्तव, भूपेंद्र कुमार, डॉ. रंजीत भारती, संतोष यादव, आनंद आजाद, धर्मेंद्र कुमार, डॉ. प्रदीप वर्मा, हिमांशु निगम, विशाल दीप, सनी, विष्णु आदि उपस्थित रहे। संचालन डॉ. निरंजन सिंह ने किया।
कलेक्ट्रेट, नगर निगम, आगरा विकास प्राधिकरण, विकास भवन आदि में भी आंबेडकर की जयंती मनाई गई। आगरा कॉलेज में भी सेमिनार आयोजित की गई। प्राचार्य डॉ. अनुराग शुक्ला ने कहा कि बाबासाहेब के सामाजिक दर्शन को यथार्थ दर्शन में परिवर्तित करके ही आदर्श राष्ट्र का निर्माण संभव है। डीएमएम कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर गीता यादवेंदु ने कहा कि बाबा साहेब समाज के केवल एक वर्ग विशेष से ही संबंधित नहीं थे उनका व्यक्तित्व बहुआयामी एवं का चिंतन बहुत ही व्यापक था। सेमिनार के दौरान लेफ्टिनेंट डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. रीता निगम, डॉक्टर आनंद पांडे, जितेंद्र शर्मा, राजीव सिंह आदि उपस्थित रहे।














