आगरा। आगरा की वक्फ इमामिया लोकल एजेंसी पर 45 लाख रुपये की अवैध वसूली समेत कई गंभीर आरोप लगे हैं। यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने पूरी कमेटी को नोटिस जारी कर 30 दिन में जवाब मांगा है। जवाब न मिलने पर कमेटी भंग करने और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वक्फ बोर्ड को मिली शिकायतों के अनुसार, कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद पर करीब 45 लाख रुपये की अवैध वसूली का आरोप है। आरोप है कि वक्फ की आमदनी को दो हिस्सों में वसूला गया, जिसमें से लगभग 36 लाख रुपये अध्यक्ष के पास होने का दावा किया गया है।कमेटी के सचिव आजम खान मलिक पर वक्फ की आय को छिपाने और सही लेखा-जोखा न रखने के आरोप लगे हैं। बताया गया है कि वर्ष 2022 के बाद से वक्फ की आमदनी का कोई ऑडिट नहीं कराया गया, जिससे संदेह और गहरा गया है।
जामा मस्जिद की जमीन से अवैध कमाई का खुलासा
शिकायत में यह भी कहा गया है कि जामा मस्जिद की वक्फ जमीन पर पार्किंग और दुकानों के जरिए अवैध कमाई की गई। किरायेदारों से पगड़ी और नजराने के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती रही, जिसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है।
मुकदमों में 40 लाख खर्च करने का आरोप
कमेटी पर यह आरोप भी है कि अलग-अलग मुकदमों में वक्फ की करीब 40 लाख रुपये की राशि खर्च कर दी गई, जबकि इसके लिए बोर्ड से न तो अनुमति ली गई और न ही पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई।
अध्यक्ष पर आपराधिक छवि के आरोप
अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद पर गाली-गलौज, दुर्व्यवहार और आपराधिक मामलों में संलिप्तता के भी आरोप लगाए गए हैं, जिससे कमेटी की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं।











