आगरा। मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप को जिला अस्पताल में अचानक निरीक्षण पर आता हुआ देखकर अस्पताल प्रशासन के बीच खलबली मच गई। शौचालय को गंदा देखकर वह काफी नाराज हुए बोले कि अपने घर में भी ऐसे ही शौचालय को रखते हो।
मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली थी। बैठक में दिए गए निर्देशों का कुछ असर हुआ है या नहीं जमीनी हकीकत जानने के लिए वह शनिवार को अचानक जिला अस्पताल पहुंच गए। सबसे पहले वह ओपीडी पंजीकरण केंद्र पर पहुंचे जहां उन्होंने कुल ओपीडी पंजीकरण की जानकारी ली। पैथोलॉजी सेंटर पर एक्सरे मशीन से होने वाली जांच की उन्होंने जानकारी ली। अवगत कराया गया कि प्रतिदिन लगभग 200 जांच की जा रही हैं। परिसर में बने शौचालय में गंदगी व जाले देखकर वह नाराज हो गए। सेप्टिक टैंक एवं आवश्यक सीवर लाइन के बारे में पूछे जाने पर अवगत कराया गया कि उप नगर आयुक्त द्वारा विगत 6 फरवरी की शाम को निरीक्षण किया जा चुका है। एनआरसी वार्ड में भर्ती मरीजों से भी उन्होंने बातचीत की वह उपचार से संतुष्ट हैं या नहीं। जनऔषधि केंद्र और फार्मेसी सेंटर पर दवाइयों की उपलब्धता की जानकारी भी उनके द्वारा ली गई। दवाई वितरण काउंटर पर जगह जगह गंदगी देख आयुक्त द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई। वहीं स्टॉक रजिस्टर में एक दिन पूर्व के दवाइयों का विवरण नहीं चढ़ा था। इस पर भी वह काफी नाराज हुए।











