आगरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक कूटनीति का एक और प्रभावशाली परिणाम सामने आया है। अमेरिका के आधिकारिक व्यापारिक नक्शे में संपूर्ण जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को भारत का हिस्सा दर्शाए जाने को राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान को मानवता के आधार पर पीओके पर अपना दावा छोड़ देना चाहिए।
‘जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वो कश्मीर हमारा है’ वह कश्मीर हमारा है जो सारे का सारा है
पत्रकारों से चर्चा के दौरान सांसद नवीन जैन ने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को स्मरण करते हुए कहा, “आज बरसों पुराना हमारा वह संकल्प सिद्ध होता दिखाई दे रहा है, जिसे लेकर हम दशकों से कहते आए हैं- ‘जहाँ हुए बलिदान मुखर्जी, वह कश्मीर हमारा है, वह कश्मीर हमारा है और वह सारा का सारा है।’ हमारे नेताओं ने कश्मीर की अखंडता के लिए अपने प्राणों तक की आहुति दी है और आज वही विचार विश्व मंच पर स्वीकार किया जा रहा है।”
मानवता के नाते सरेंडर करे पाकिस्तान
सांसद नवीन जैन ने कहा कि पीओके की जनता लंबे समय से गरीबी, दमन और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को मानवता के नाते पीओके पर अपना तथाकथित अधिकार छोड़ देना चाहिए और इस क्षेत्र को पूरी तरह भारत को सौंप देना चाहिए। भारत ही वह देश है जो वहां के लोगों को सुरक्षा, विकास और सम्मानजनक जीवन दे सकता है।”
मोदी सरकार की कूटनीतिक जीत
सांसद ने कहा कि यह घटनाक्रम केवल कागज़ी बदलाव नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की मजबूत होती वैश्विक स्थिति का प्रमाण है। तथा यह नया भारत है, यहां ट्रेड डील भी होती हैं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कठोर निर्णय लेने की क्षमता भी है। आज दुनिया यह समझ चुकी है कि भारत की संप्रभुता और अखंडता पर कोई समझौता नहीं हो सकता।”
कश्मीर को लेकर पार्टी का स्पष्ट रुख
सांसद नवीन जैन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और शीर्ष नेतृत्व शुरू से यह स्पष्ट करता आया है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू द्वारा जो पाप की गंगा इस देश में बहाई गई थी उसे पवित्र करने का काम उनके बेटे ओर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी कर रहे हैं, तथा “हमारे नेता कश्मीर के लिए बलिदान दे चुके हैं। यह कोई नया विचार नहीं है, बल्कि वर्षों की वैचारिक और राजनीतिक प्रतिबद्धता का परिणाम है, जो आज साकार होता दिखाई दे रहा है।”











