आगरा। खंदौली में ट्रैक्टर बदलने के मामले में जिस कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, उसका एक वीडियो वायरल हो रहा है। कांस्टेबल इसमें बोल रहा है एक सिपाही की इतनी औकात नहीं कि ट्रैक्टर बदलवा दे। सारा खेल थानाध्यक्ष राजीव सोलंकी और गौरव राणा का है। इन्हीं से प्रतिवादी की बात हुई है। मुझे बलि का बकरा बना दिया गया है। वह रोते हुए अधिकारियों से न्याय मांग रहा है।
खंदौली में एक सैनिक की पत्नी की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। जिस ट्रैक्टर की वजह से मौत हुई थी उसे थाने में बदल दिया गया। ट्रैक्टर बदलने के मामले में एक सिपाही प्रवीण कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। सिपाही का वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें वह बोल रहा है सर जय हिंद सर, मैं आरक्षी प्रवीण कुमार थाना खंदौली में तैनात हूं। सर मेरे ऊपर मुकदमा लिखा गया है, जो मुकदमा है सर उसमें सारी भूमिका, सारी जानकारी एसओ राजीव सोलंकी की है। मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। मेरी सर ड्यूटी एसओ हमराह में थी। उनकी सारी बातें होने के बाद मुझे बताया गया कि आलू का कच्चा माल है उसको इम्पाउंड लगे गार्डों को फोन करके बता दो कि माल पलटी होगा। सर मेरी बस इतनी गलती है, मुझे जानकारी नहीं थी यह मामला है। इन्होंने उस माल को पलटी कराने के लिए मुझे फोन कर कहा। मैंने गार्ड को फोन करके बताया था कि भैया एक ट्रैक्टर आ रहा उसे माल को पलटी कोल्ड में करा देना। इतनी गलती मैं अपनी मानता हूं, लेकिन एक सिपाही की इतनी औकात नहीं है कि एक ट्रैक्टर को चेंज कर सके बिना विवेचक के बिना एसओ के।
खेरागढ़ से भी हटे थे एसओ राजीव सोलंकी
थानाध्यक्ष राजीव सोलंकी पूर्व में खेरागढ़ थाने के थानाध्यक्ष थे। विधायक भगवान सिंह कुशवाहा के रिश्तेदार से मोटरसाइकिल छोड़ने के नाम पर पुलिस ने पैसे लिए थे। विधायक की शिकायत के बाद पहले दरोगा पर कार्रवाई हुई थी। बाद में थानाध्यक्ष पर। यहां से हटाकर उन्हें साइड लाइन कर दिया गया था। कुछ महीने में ही उन्हें बरहन थाने में भेज दिया गया। जबकि नियम है हटाने के बाद 6 महीने के बाद ही चार्ज मिलता है। बरहन से वह खंदौली में आ गए। बताया जा रहा है कि जब वह संजय प्लेस चौकी प्रभारी थे तो तमाम शिकायतों को चलते तत्कालीन आईजी सतीश गणेश ने उनका तबादला फिरोजाबाद किया था। वहां से भी चंद दिनों में उन्हें मैनपुरी भेज दिया था। लौटकर फिर वह आगरा आ गए।











