आगरा। रविवार को एक किसान और उनकी पत्नी डीसीपी ऑफिस में काफी देर तक रोते रहे। किसान जमीन पर करवटें बदलते हुए रो रहा था और पुलिस को कोस रहा था। वह बोल रहा था कि बेटी के साथ दबंगों ने गलत काम किया। समझौता नहीं किया तो 15 साल के बेटे की गोली मार कर हत्या कर दी। इंस्पेक्टर पर आरोप लगाया कि उनके भाई को झूठे मुकदमे में फंसा दिया है। वह डीसीपी से भी मिला उनसे कहा कि हम बर्बाद हो गए हमें न्याय दिला दीजिए। डीसीपी ने उसकी बात को गंभीरता से सुना और कहा कि वह पूरे मामले की गंभीरता से जांच करेंगे।
रसूलपुर के रहने वाले राम प्रकाश सोमवार को अपनी पत्नी के साथ डीसीपी के ऑफिस पहुंचे थे। वहां पर उनके रोने का और पुलिस पर अपने भाई को फंसाने का आरोप लगाने का वीडियो भी वायरल हुआ है। वीडियो को देखकर हर किसी की संवेदनाएं उनके साथ बढ़ रही हैं। वह वीडियो में फूट-फूट कर रो रहे हैं और पुलिस की कार्यशैली को कोस रहे हैं। राम प्रकाश का कहना है कि उसके गांव के रहने वाले दो लोग दबंग हैं। उन्होंने बेटी के साथ गलत काम किया था। बेटा सूरज इस बात का गवाह था। दोनों दबंग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपी लगातार उनके ऊपर समझौते का दबाव बना रहे थे। जब उन्होंने मना कर दिया तो 24 मई को उनके 15 साल के बेटे को गवाही से पहले गोली मार दी। गोली मारने के बाद वह फिर से समझौते के लिए दबाव बनाने लगे। परिवार को खत्म करने की धमकी देने लगे। पुलिस से भी कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कुछ दिन पहले गांव में ही एक व्यक्ति की नदी में डूबने से मौत हो गई। पुलिस से साठ गांठ करके दबंगों ने उनके भाई सूरजपाल के खिलाफ हत्या का झूठा केस दर्ज करा दिया। वह लंबे समय से पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। पुलिस ने उनके पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया है। अधिकारियों से भी वह कई बार मिले लेकिन उन्होंने भी अनसुनी कर दी। इधर मामले की जानकारी के लिए डीसीपी पश्चिमी अतुल शर्मा को फोन किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

पीड़ित का आरोप- वह घायल है फिर भी बमरौली कटारा पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
एक पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर शिकायत की है कि बमरौली कटारा थाना पुलिस ने उसकी कोई सुनवाई नहीं की। हमले में वह लहूलुहान हुए थे। फिर भी उनका मेडिकल नहीं कराया गया। उल्टा उनके खिलाफ मुकदमा और दर्ज कर लिया गया है।
विनोद कुमार सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है कि 5 मार्च की रात को कुछ लोगों ने उन्हें घेरने का प्रयास किया था। जब उन्होंने 112 नंबर पर सूचना दी पुलिस के आने पर आरोपी भाग गए। इसके बाद 6 मार्च को अपने घर पर बैठे हुए थे तभी जोगिंदर सिंह, चरण सिंह, छोटू, शैलेंद्र, जितेंद्र, अवधेश, सौरभ व अन्य लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इसके साथ ही फायरिंग भी की। हमले में वह घायल भी हुए। 112 की सूचना पर पुलिस भी आई और उनका आज भी जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। लेकिन रिपोर्ट अभी तक दर्ज नहीं हुई है। पुलिस आरोपियों की मदद कर रही है।











