आगरा। लोकसभा में अनुपूरक अनुदानों के दूसरे बैच पर चर्चा के दौरान सांसद राजकुमार चाहर ने देश की आर्थिक स्थिति, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और ब्रज क्षेत्र के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।
सांसद चाहर ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं और नीतिगत दिशा का स्पष्ट संकेत होता है। उन्होंने बताया कि अनुपूरक अनुदानों पर चर्चा की प्रक्रिया संसदीय लोकतंत्र की पारदर्शिता को मजबूत करती है, क्योंकि सरकार को अतिरिक्त व्यय के लिए संसद से स्वीकृति लेनी पड़ती है। उन्होंने जानकारी दी कि सरकार ने दूसरे बैच में लगभग 2.81 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय की अनुमति मांगी है, जिसमें से करीब 2.01 लाख करोड़ रुपये वास्तविक अतिरिक्त खर्च है, जबकि शेष राशि विभिन्न विभागों की बचत और समायोजन से पूरी की जाएगी। सांसद चाहर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर महंगाई, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर बनी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज दुनिया भारत को निवेश और विकास के भरोसेमंद केंद्र के रूप में देख रही है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का जिक्र करते हुए सांसद चाहर ने कहा कि केंद्र सरकार 80 करोड़ गरीब लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है, जो दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजनाओं में से एक है। उनका कहना था कि जब सरकार गरीब की थाली की चिंता करती है, तभी सच्चे अर्थों में कल्याणकारी राज्य की अवधारणा मजबूत होती है। कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए सांसद चाहर ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और किसानों की समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण उर्वरकों की कीमतों में वृद्धि के बावजूद केंद्र सरकार ने उर्वरक सब्सिडी के माध्यम से किसानों की लागत को नियंत्रित रखने का प्रयास किया है। सांसद चाहर ने अपने संसदीय क्षेत्र आगरा और फतेहपुर सीकरी से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि टीटीजेड और एनजीटी की बाध्यताओं के कारण इस क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना में कई तरह की कठिनाइयाँ आती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि आगरा, फतेहपुर सीकरी, मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल, बटेश्वर, भरतपुर और धौलपुर को जोड़ते हुए पूरे ब्रज क्षेत्र को एक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जाए, जिससे देश-विदेश के पर्यटकों का आगमन बढ़े और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।सांसद ने यह भी कहा कि आगरा और फतेहपुर सीकरी के स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प उद्योग को पर्यटन से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि फतेहपुर सीकरी में बनने वाली दरियां विश्व स्तर पर निर्यात होती हैं और उन्हें और अधिक प्रोत्साहन दिए जाने की आवश्यकता है। सांसद राजकुमार चाहर ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि टीटीजेड और एनजीटी की बाधाओं के कारण विकास में आ रही रुकावटों को ध्यान में रखते हुए ब्रज क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज दिया जाए और उत्तर प्रदेश सरकार को भी इसके लिए निर्देशित किया जाए। साथ ही उन्होंने आगरा को पर्यटन के साथ-साथ आईटी हब के रूप में विकसित करने और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा देने की मांग की, ताकि आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, भरतपुर और धौलपुर सहित पूरे ब्रज क्षेत्र के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर मिल सकें।











